ईरान ने अमेरिका के आरोपों को किया खारिज, यूएन महासभा के दौरान अधिकारियों के आचरण पर हुआ विवाद

Praggya Singh sabal19 September 20262 min read25 viewsWorld
ईरान ने अमेरिका के आरोपों को किया खारिज, यूएन महासभा के दौरान अधिकारियों के आचरण पर हुआ विवाद

संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरानी अधिकारियों के आचरण को लेकर अमेरिका की तरफ से लगाए गए तमाम गंभीर आरोपों को तेहरान ने सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 19 सितंबर 2026 को एक औपचारिक बयान जारी करते हुए अमेरिकी दावों को हकीकत से कोसों दूर बताया और इसे केवल एक दिखावा करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका खुद उन्हीं हरकतों में शामिल रहा है जिनके आरोप वह दूसरों पर मढ़ने की कोशिश कर रहा है। यह पूरा कूटनीतिक विवाद उस समय शुरू हुआ जब अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Pigott ने 18 सितंबर 2026 को एक चेतावनी जारी की थी। इस चेतावनी में न्यूयॉर्क की यात्रा पर आने वाले ईरानी अधिकारियों को विशेष रूप से महंगे सामान खरीदने और बाजार में घूमने से मना किया गया था। अमेरिकी पक्ष का आरोप था कि इस तरह की खरीदारी का पैसा आम ईरानी जनता के हक को मारकर और आतंकी संगठनों को समर्थन देकर जुटाया जा रहा है। इसी बात से नाराज होकर अमेरिका ने यह प्रतिबंध भी दोहराया कि ईरान के संयुक्त राष्ट्र मिशन और वहां आने वाले अन्य अधिकारी किसी भी तरह की थोक सदस्यता या कीमती सामान नहीं खरीद सकेंगे।

ईरान का तीखा पलटवार और सोशल मीडिया पर बयान

अमेरिकी बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने सोशल मीडिया का सहारा लिया और अमेरिकी नीति को एकतरफा प्रोपेगेंडा बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका की तरफ से चलाई जा रही नीतियां वास्तव में एक प्रकार का आर्थिक युद्ध हैं जिसका एकमात्र उद्देश्य आम नागरिकों को परेशान करना है। उन्होंने अमेरिका की तरफ से लगाए गए खरीदारी के प्रतिबंधों को महज एक नाटक बताया और इसे अमेरिका की बचकानी सोच का नतीजा कहा। ईरानी प्रवक्ता ने यह भी याद दिलाया कि अमेरिका ने अतीत में भी ईरान के खिलाफ गैरकानूनी कदम उठाए हैं। अपनी बात को मजबूत करने के लिए उन्होंने एक पुरानी कहावत का हवाला दिया और कहा कि अमेरिका को ऐसा लगता है कि दुनिया के बाकी देशों के पास न तो कोई याददाश्त है और न ही सोचने समझने की कोई क्षमता बची है। इस पूरे घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दोनों देशों के बीच चल रही पुरानी खींचतान को एक बार फिर से सतह पर ला दिया है जहां हर पक्ष अपनी बात को सही साबित करने में लगा हुआ है। इस तरह के बयानों और बार्टी बयानों से वैश्विक राजनीति में तनाव का माहौल लगातार बना हुआ है और हर कोई आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों और वार्ताओं पर अपनी नजरें टिकाए बैठा है ताकि यह पता चल सके कि कूटनीतिक स्तर पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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