होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अमेरिकी दावे: ईरान ने कहा, ज़मीनी हकीकत कुछ और

Gautam Sahu12 October 20262 min read0 viewsWorld
होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अमेरिकी दावे: ईरान ने कहा, ज़मीनी हकीकत कुछ और

तेहरान: ईरान ने अमेरिका के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर समुद्री नियंत्रण वापस आ चुका है और जहाज़ों की आवाजाही सामान्य हो गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बाज़ार की स्थिति इन दावों से मेल नहीं खाती और अमेरिकी अधिकारियों की बातें ज़मीन पर दिख रही सच्चाई से अलग हैं।

बाघाई ने दोहराया कि इस अहम ऊर्जा मार्ग पर ईरान का पूरा नियंत्रण है। उनके मुताबिक जब तक विदेशी सैन्य आक्रामकता और आर्थिक नाकेबंदी जारी रहेगी, तब तक इस जलमार्ग में सुरक्षा बहाल नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि तट के साथ चल रही ईरानी कार्रवाइयां वैध जवाबी कदम हैं। ये कदम उस संयुक्त सैन्य अभियान के जवाब में हैं, जिसमें अमेरिका और इज़रायल की सेनाओं ने 29 मार्च से इस गलियारे को अपने ठिकाने के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया था।

बाघाई ने एक और बात की ओर इशारा किया। उनके अनुसार अमेरिका ने हाल में रूस से ऊर्जा सहायता मांगी है, और यह कदम खुद इस बात का सबूत है कि होर्मुज़ में स्थिरता की अमेरिकी तस्वीर पूरी सच नहीं है।

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बातचीत अब भी जारी, पर शर्तों पर अड़ाव

तेहरान और वॉशिंगटन के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत मध्यस्थों के ज़रिए जारी है। इसमें पाकिस्तान, कतर और इराक़ की भूमिका बताई जा रही है। इसी बीच सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेज़ाई ने 12 अक्टूबर को कहा कि अमेरिका ने ईरान की रखी सात शर्तों में से कुछ मान ली हैं। इनमें शत्रुता खत्म करना, जमी हुई संपत्ति जारी करना और तेल निर्यात से पाबंदियां हटाना शामिल हैं। फिर भी रेज़ाई के अनुसार अमेरिकी जवाब अभी नाकाफी है।

रेज़ाई ने साफ कहा कि ईरान पुरानी स्थिति में वापस नहीं लौटेगा। उनके मुताबिक जब तक सारी जायज़ मांगों का हल नहीं निकलता, तब तक इस जलमार्ग पर ईरानी सशस्त्र बलों का पूरा नियंत्रण बना रहेगा। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने भी पुष्टि की कि सर्वोच्च नेता इस जलमार्ग के प्रबंधन की

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