होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अमेरिकी दावे खारिज, ईरान बोला—हकीकत कुछ और

तेहरान (ईरान): ईरान ने सोमवार, 12 अक्टूबर को अमेरिका के उन दावों को सिरे से ख़ारिज कर दिया, जिनमें कहा गया है कि रणनीतिक महत्व वाले होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर समुद्री नियंत्रण बहाल हो चुका है और जहाज़ों की आवाजाही पटरी पर लौट आई है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनका देश इस अहम ऊर्जा मार्ग पर पूरा नियंत्रण रखता है।
बघाई ने साफ़ कहा कि जब तक इस इलाके में विदेशी सैन्य हमलों और आर्थिक नाकेबंदी का सिलसिला जारी रहेगा, तब तक क्षेत्र में सुरक्षा लौटना मुश्किल है। उन्होंने अमेरिकी बयानों पर सीधा सवाल उठाते हुए कहा, "अमेरिकियों के दावे वह नहीं हैं जो हम ज़मीन पर देख रहे हैं।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि अमेरिका भले कहता रहे कि होर्मुज़ अब असरदार नहीं रहा और ईरान का दबदबा खत्म हो गया है, पर ईरान अपना काम अपने तरीके से कर रहा है।
प्रवक्ता ने पश्चिमी मीडिया पर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि कुछ विदेशी समाचार संस्थान एक तालमेल वाले अभियान के तहत वैश्विक कमोडिटी की कीमतों में उछाल और जहाज़रानी की अस्थिरता की असली वजह को उलट-पुलट कर पेश कर रहे हैं। बघाई ने कहा, "हम समझते हैं कि एक मीडिया अभियान चल रहा है, जिसमें कारण और परिणाम की जगह बदलने की कोशिश हो रही है।" उन्होंने दोहराया कि 21 मार्च से पहले होर्मुज़ खुला था और मौजूदा दिक्कतें विदेशी दख़ल का सीधा नतीजा हैं।
ईरानी विदेश मंत्रालय की यह प्रतिक्रिया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के जवाब में आई, जिसमें ट्रंप ने दावा किया था कि इस जलमार्ग से एक ही रात में 22 मिलियन बैरल तेल जैसी रिकॉर्ड मात्रा बिना किसी ईरानी भागीदारी के गुज़री। साथ ही ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी समुद्री ट्रैफ़िक के खिलाफ़ नाकेबंदी पूरी तरह लागू है।
ईरान का कहना है कि उसके तट के किनारे चल रही गतिविधियां कानूनी जवाबी कदम हैं। उसके मुताबिक़ 29 मार्च से अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाइयों में इस गलियारे को एक तरह के अड्डे की तरह इस्तेमाल किया गया। तेहरान ने दो टूक कहा कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकेबंदी, आर्थिक युद्ध और शत्रु