अमेरिका के सामने नहीं झुकेंगे, ईरान की दो टूक चेतावनी, कहा- बातचीत को न समझा जाए धमकी

तेहरान में क्षेत्रीय तनाव और पाबंदियों के बीच 1 सितंबर 2026 को ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने एक बड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ईरान कभी भी वाशिंगटन के दबाव और हुक्म के आगे नहीं झुकेगा। उनका कहना है कि अमेरिका ने बातचीत और धमकी के बीच का फर्क पूरी तरह से भुला दिया है। ईरान के सभी फैसले देश की सुरक्षा और संप्रभुता को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं और अमेरिका की इस नीति से उसे कोई फायदा नहीं मिलने वाला है। ईरान ने खार्स द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले को खुली आक्रामकता बताया है और कहा है कि देश इसका जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
क्षेत्रीय तनाव और सैन्य चेतावनी
इस बयान से पहले 1 सितंबर 2026 को ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने मिलकर एक चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा गया कि अगर पड़ोसी देशों से भी कोई हमला होता है, तो उसका बहुत कड़ा जवाब दिया जाएगा। सेना का मानना है कि अमेरिकी बलों के पास इस क्षेत्र से बाहर जाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। इसी दौर में होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर अज्ञात चीजों से हमले की खबर आई। इससे पहले 25 अगस्त और 31 अगस्त को भी समुद्री इलाकों में ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी थीं।
समझौते और कूटनीतिक हालात
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा है कि अगर अमेरिका अपने वादों को पूरा करता है, तो ईरान इस साल जून में हुए इस्लामाबाद समझौते को तुरंत लागू करने के लिए तैयार है। यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की तरफ से हुआ था जिसमें तुरंत युद्ध रोकने और 60 दिनों तक शांति समझौते पर बातचीत करने की बात थी। हालांकि ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि अमेरिका इस समझौते का पालन नहीं कर रहा है। राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी।
पाबंदियों का असर और शिक्षा पर रोक
अमेरिका की तरफ से विमानन, डिजिटल संपत्ति, सोना, शिपिंग और टेक्नोलॉजी जैसे 5 प्रमुख क्षेत्रों में पाबंदियां बढ़ाए जाने से हालात और बिगड़ गए हैं। इन पाबंदियों की वजह से ईरान में 1 सितंबर 2026 से Duolingo English Test, TOEFL और GRE परीक्षाओं पर रोक लगा दी गई है। Baghaei ने यूरोपीय संघ की आलोचना करते हुए कहा कि उनका रवैया खुद उनके नियमों के खिलाफ है। ईरान अभी भी अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA के संपर्क में है, लेकिन फिलहाल कोई नई बातचीत शुरू नहीं हुई है। तनाव कम करने के लिए ईरान लगातार पड़ोसी देशों से बातचीत कर रहा है, जिसमें पाकिस्तानी सेना प्रमुख के साथ हुई बैठक भी शामिल है।