होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अमेरिकी प्रस्ताव खारिज, ईरान की धमकी

तेहरान: ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के लिए अपनी शर्तों पर अमेरिका के जवाब को सिरे से नाकाफ़ी बता दिया है। 12 अक्टूबर 2026 को ईरानी अधिकारियों ने साफ़ कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव न तो पर्याप्त है और न ही संतोषजनक। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि यह प्रस्ताव कतर और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थों के ज़रिए पहुँचा है, और तेहरान इसकी समीक्षा कर रहा है। आंतरिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही जवाब दिया जाएगा।
तेहरान का रुख़ साफ़ है। अधिकारियों के मुताबिक़ होर्मुज़ पर हालात पहले जैसे अब लौट नहीं सकते। उनका तर्क है कि विदेशी सैन्य कार्रवाइयों और आर्थिक नाकेबंदी की वजह से इस पूरे इलाके की सुरक्षा पहले ही कमज़ोर हो चुकी है।
सबसे तीखा बयान सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रेज़ाई की तरफ़ से आया। उन्होंने अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर पर होर्मुज़ के भीतर तेल की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाया, और इसमें संयुक्त अरब अमीरात की सैन्य मदद का ज़िक्र भी किया। रेज़ाई ने चेतावनी दी कि ईरान इलाके में अमेरिका से जुड़े तकनीकी ढांचे को निशाने पर ले सकता है। उन्होंने खास तौर पर समुद्री दूरसंचार केबल, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुविधाओं का नाम लिया। बघाई ने अमेरिका के उस दावे को भी ग़लत बताया जिसमें समुद्र पर फिर से नियंत्रण होने की बात कही गई थी।
हाल की घटनाओं ने तनाव बढ़ाया
ये धमकियाँ ऐसे वक़्त में आई हैं जब इलाके में लगातार समुद्री घटनाएँ हो रही हैं। एक निकारागुआ-झंडे वाले टैंकर को ओमान के पास निशाना बनाया गया। मार्शल आइलैंड्स के झंडे