Iran News: ईरान ने कहा अमेरिका के संदेश की नहीं है उम्मीद, रविवार की बैठक से पहले दी बड़ी सफाई।

Nura Basta19 September 20262 min read22 viewsWorld
Iran News: ईरान ने कहा अमेरिका के संदेश की नहीं है उम्मीद, रविवार की बैठक से पहले दी बड़ी सफाई।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने 19 सितंबर 2026 को यह साफ कर दिया कि उसे पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री से रविवार को होने वाली बैठक में अमेरिका की तरफ से किसी भी संदेश के मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब क्षेत्र में तनाव काफी ज्यादा बढ़ चुका है और अमेरिका तथा ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को सुलझाने के लिए लगातार कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। आम लोगों और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के बीच भी इस तनाव को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि इसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।

ईरान की ओर से रखी गई कड़ी शर्तें

ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रजाई ने हाल ही में अल जज़ीरा को यह कंफर्म किया कि तेहरान ने कतर और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थों को अपनी कुछ खास शर्तें सौंप दी हैं ताकि इन दुश्मनों और लड़ाइयों को खत्म किया जा सके। इन शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध को पूरी तरह से बंद करना, विदेशों में रोकी गई ईरानी संपत्तियों को फिर से चालू करना, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को हटाना और यमन तथा सऊदी अरब के बीच चल रही लड़ाई को समाप्त करना शामिल है। तेहरान इस समय इन शर्तों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहा है।

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तुर्की की मध्यस्थता और नया मक्का गठबंधन

दूसरी तरफ, तुर्की के विदेश मंत्री हाकन फिदान इस मामले में लगातार मध्यस्थता कर रहे हैं और जून महीने में अमेरिका तथा ईरान के बीच साइन हुए समझौते को फिर से लागू करने की वकालत कर रहे हैं। फिदान ने मक्का गठबंधन के सामने आने की बात पर जोर दिया है, जो कि तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच एक रक्षा समझौता है। यह समझौता बिल्कुल नाटो के आर्टिकल 5 की तरह काम करता है। फिदान ने बताया कि यह गठबंधन क्षेत्रीय स्थिरता देने के लिए एक गेम-चांजिंग प्लेटफॉर्म है और रियाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा यानबु में अरामको की जगहों पर हालिया हमलों के बाद तुर्की सऊदी अरब की सैन्य मदद के लिए पूरी तरह तैयार है।

क्षेत्र में बढ़ता तनाव और सैन्य गतिविधियां

भू-राजनीतिक स्थिति अभी भी बहुत संवेदनशील बनी हुई है, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में 'लिंडसे ओ ग्राहम सैनकशनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' पर हस्ताक्षर किए हैं। साथ ही उन्होंने ईरानी शासन को पूरी तरह से खत्म करने के लिए एक बड़े हमले का भी संकेत दिया है। इसके जवाब में ईरान ने निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तैयारी होने का दावा किया है और कहा है कि उसने अमेरिकी सैन्य कमजोरियों का पता लगा लिया है। ईरान ने हाल ही में एक अमेरिकी विमान वाहक पोत के पास सफल एंटी-शिप मिसाइल टेस्ट भी किए हैं। इस बीच, अमेरिकी सेना ने फारस की खाड़ी से 2,000 से ज्यादा कमर्शियल जहाजों और 1 अरब बैरल तेल को सुरक्षित बाहर निकाला है, जबकि तुर्की ने ईरान के बैंक मेलट का लाइसेंस आधिकारिक रूप से रद्द कर दिया है।

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