अमेरिका के पेट्रोल संकट वाले दावे पर ईरान का बड़ा बयान, कहा ये सब झूठी बातें हैं.

Sushma Kumari20 September 20263 min read0 viewsWorld
अमेरिका के पेट्रोल संकट वाले दावे पर ईरान का बड़ा बयान, कहा ये सब झूठी बातें हैं.

हाल ही में अमेरिका की तरफ से ईरान के अंदर पेट्रोल की कमी को लेकर जो दावे किए गए थे, उस पर ईरान के एक बड़े अधिकारी ने कड़ा विरोध जताया है। 20 सितंबर 2026 को ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी बयानों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह से बेबुनियाद झूठ करार दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिकी सेना के अधिकारियों द्वारा फैलाई जा रही ये बातें केवल एक मानसिक खेल और झूठी प्रोपेगैंडा का हिस्सा हैं, जिसका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं है।

एडमिरल ब्रैड कूपर का बयान और ईरान का जवाब

इससे पहले अमेरिका के सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक बयान दिया था। उनका कहना था कि अमेरिकी बलों ने खाड़ी के देशों से आने वाले 1 अरब बैरल से ज्यादा कच्चे तेल को हॉर्मूज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकलने में मदद की है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान पर बहुत सख्त नौसैनिक नाकाबंदी लगा रखी है, जिसकी वजह से ईरान एक भी बैरल तेल का निर्यात नहीं कर पा रहा है।

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इस बात का जवाब देते हुए ईरान के सशस्त्र बलों के वरिष्ठ प्रवक्ता अलोफजल शेकरची ने एडमिरल कूपर के इन बयानों को पूरी तरह झूठा और हास्यास्पद बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिकी सेना अपने सैनिकों का हौसला बढ़ाने और इलाके में हो रहे अपने भारी खर्च और नुकसान को सही ठहराने के लिए ऐसे झूठे हथकंडे अपना रही है।

तनाव और तेल निर्यात के हालात

आपको बता दें कि यह पूरा विवाद उस संघर्ष के बीच चल रहा है जो 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इस मौजूदा तनाव भरे माहौल की वजह से ईरान ने हॉर्मूज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिका ने भी उन जहाजों को निशाना बनाते हुए नौसैनिक नाकाबंदी कर रखी है जो ईरानी बंदरगाहों पर आते-जाते हैं। इन सभी घटनाओं की वजह से दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है और कई देशों में तेल की राशनिंग भी करनी पड़ रही है।

ईरान के अंदरूनी हालात को लेकर भी अलग-अलग तरह की खबरें सामने आ रही हैं। ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद जाफर घेम्पनाह ने 27 अगस्त 2026 को यह स्वीकार किया था कि अमेरिकी नाकाबंदी और देश में पर्याप्त उत्पादन न होने के कारण उन्हें पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल मंगाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि इसके उलट, स्थानीय मीडिया ने 19 सितंबर 2026 को यह रिपोर्ट दी कि पिछले दो महीनों में ईरान का तेल निर्यात अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है।

आईआरजीसी की चेतावनी और घरेलू ईंधन पर असर

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के उप राजनीतिक कमांडर अजीज गजानफरी ने 19 सितंबर को साफ कर दिया कि यदि ईरान के तेल निर्यात को रोका गया, तो वे भी क्षेत्र के दूसरे देशों के तेल निर्यात को बंद कर देंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि आईआरजीसी की हॉर्मूज जलडमरूमध्य पर पूरी नजर बनी हुई है।

आम जनता की बात करें तो देश के अंदर ईंधन कार्ड के नियमों को लागू करने में काफी सख्ती और उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। 17 सितंबर 2026 से पेट्रोल पंपों पर ईंधन कार्ड के इस्तेमाल की सीमा तय कर दी गई है, जिसकी वजह से पंपों पर लंबी-लंबी लाइनें और इंतजार का समय बढ़ गया है। इसके अलावा, करमान प्रांत में उत्पादन लागत पर पेट्रोल बेचने की एक पायलट योजना को भी हाल ही में रोक दिया गया है।

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