Iran News: महीनों की जंग के बाद ईरान में खुले स्कूल और यूनिवर्सिटी, 1200 से ज़्यादा इमारतें ठीक हुईं

ईरान में महीनों के युद्ध और भारी तबाही के बाद आखिरकार 20 सितंबर 2026 को स्कूल और यूनिवर्सिटी फिर से खुल गए हैं। देश भर में युद्ध के दौरान क्षतिग्रस्त हुए 1,200 से ज़्यादा शिक्षण संस्थानों को फिर से चालू कर दिया गया है ताकि बच्चों की पढ़ाई दोबारा शुरू हो सके। ईरानी गृह मंत्रालय ने इस बात की घोषणा की है कि छात्र अब वापस क्लासरूम में आकर अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे और देश इस गंभीर संकट से धीरे-धीरे बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है। शिक्षा मंत्री अरेजा काज़मी ने इस बहाली प्रक्रिया के तहत 20 सितंबर को Allameh Helli 5 School में एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बच्चों का हौसला बढ़ाया।
शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की तैयारी
इससे पहले शिक्षा मंत्री ने 4 सितंबर 2026 को यह स्पष्ट कर दिया था कि कितनी भी मुश्किल परिस्थितियां क्यों न हों, ईरान में स्कूलों में आम पढ़ाई यानी इन-पर्सन क्लासेज को किसी भी कीमत पर रोका नहीं जाएगा। गृह मंत्रालय के राजनीतिक उप-प्रमुख और प्रवक्ता अली ज़ैनीवांड ने भी इस बात पर जोर दिया कि देश की एकता और आंतरिक सुरक्षा को बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हालांकि शुरुआती सरकारी आंकड़ों में 1,700 से ज़्यादा स्कूलों के क्षतिग्रस्त होने की बात सामने आई थी, लेकिन ज़मीनी स्तर पर जांच के बाद अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि फिलहाल 1,200 स्कूल छात्रों के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
दक्षिण शहर मिनाब के बच्चों पर युद्ध का गहरा असर
यह बहाली का दौर एक तरफ राहत लेकर आया है तो दूसरी तरफ इसके साथ गहरे जख्म और विवाद भी जुड़े हुए हैं। दक्षिण शहर Minab में 28 फरवरी 2026 को हुए एक अमेरिकी मिसाइल हमले के निशान आज भी लोगों के दिलों पर ताजा हैं। उस भयानक हमले में Shajareh Tayyebeh elementary school को निशाना बनाया गया था, जिसमें 156 आम नागरिकों की जान चली गई थी, जिनमें से 120 छोटे बच्चे शामिल थे। इस घटना के बाद वहां के बच्चों में आज भी गंभीर मानसिक तनाव, आक्रामकता और घबराहट जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं। संयुक्त राष्ट्र यानी UN की एक तथ्यान्वेषी टीम ने 18 सितंबर 2026 को अपनी रिपोर्ट में यह साफ कहा कि इस हमले को युद्ध अपराध की श्रेणी में रखने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं, क्योंकि उस स्कूल का इस्तेमाल किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि के लिए नहीं हो रहा था। अब मिनाब के प्रभावित बच्चों को अस्थायी जगहों पर शिफ्ट किया गया है और उनके लिए नए स्कूल का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है.
कड़ी निगरानी और नए पाठ्यक्रम के नियम
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही सरकार ने स्कूलों और विश्वविद्यालयों पर अपनी नजरें बेहद कड़ी कर ली हैं। ईरानी संसद ने एक नया कानून आगे बढ़ाया है जिसके तहत अब पाठ्यक्रम में 'दुश्मन की घुसपैठ' जैसे विषयों पर सरकार द्वारा तय किए गए खास अध्यायों को पढ़ाना अनिवार्य कर दिया जाएगा। इसके अलावा, 18 सितंबर 2026 को शिराज के जुमे की नमाज के इमाम इब्राहिम कलंतरी ने परिवारों, छात्रों और अधिकारियों से यह अपील की कि वे शिक्षण संस्थानों पर कड़ी नजर रखें ताकि यूनिवर्सिटी के मंच से कोई भी 'विदेशी आवाज' बाहर न आ सके। बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा के बुनियादी ढांचे की हालत को लेकर UNICEF ने भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। तेहरान से अल जज़ीरा के पत्रकार तोहिद असादी इस पूरे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं क्योंकि देश इस भयंकर युद्ध के बाद शिक्षा के मोर्चे पर भारी बदलावों से गुजर रहा है।