Iran का बड़ा ऐलान, फारस की खाड़ी में बनाया नया प्रतिबंधित क्षेत्र, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दी चेतावनी.

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर से दुनिया भर के देशों की चिंता बढ़ा दी है। 7 सितंबर 2026 को ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने यह चेतावनी दी कि तेहरान फारस की खाड़ी में एक नए प्रतिबंधित क्षेत्र को लागू करने की पूरी तैयारी कर चुका है। इस बड़े फैसले से खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों पर भी असर पड़ सकता है क्योंकि जहाजों की आवाजाही पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा।
प्रतिबंधित क्षेत्र और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति
मोहसेन रेजाई के अनुसार, यह नया प्रतिबंधित क्षेत्र अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी लाइन से शुरू होगा और खाड़ी के अन्य हिस्सों तक फैलेगा। इस बारे में आधिकारिक घोषणा आने वाले कुछ दिनों में की जाएगी। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जो भी जहाज बिना तेहरान की अनुमति या पूर्व समन्वय के इस क्षेत्र में प्रवेश करेगा, उसे ईरान की प्रतिबंध सूची में डाल दिया जाएगा। इससे उन जहाजों के बीमा कवरेज और भविष्य की यात्रा पर बुरा असर पड़ेगा। इसके साथ ही, रेजाई ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से बंद है और अमेरिका का यह दावा पूरी तरह से एक बड़ा झूठ है कि जलमार्ग खुला हुआ है।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव
यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव काफी बढ़ गया था। अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया था, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों को निशाना बनाया। इस तनाव के चलते पिछले 48 घंटों में ईरान ने एक अमेरिकी विमान वाहक पोत के ऊपर स्वदेशी रूप से विकसित एंटी-डिस्ट्रॉयर मिसाइल का परीक्षण भी किया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने ईरान के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें एक मानवरहित अमेरिकी जहाज को निशाना बनाने की बात कही गई थी। हालांकि, अमेरिकी सेना ने यह पुष्टि की कि उन्होंने उन 94 कमर्शियल जहाजों को रोक दिया है जिन पर ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी का उल्लंघन करने का आरोप था। इन सख्त कार्रवाइयों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला औसत ट्रैफिक इस साल मई के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।
ओमान और ईरान के बीच नया समझौता और राहत कार्य
एक तरफ जहां सैन्य तनाव चरम पर है, वहीं दूसरी तरफ कूटनीतिक स्तर पर कुछ नए समझौते भी हो रहे हैं। ईरान और ओमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से एक नए अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कॉरिडोर के नक्शे पर सहमति जताई है। इस नए गलियारे के प्रबंधन की जिम्मेदारी ईरान के पास होगी और इस समझौते पर बहुत जल्द हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर, ओमान की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने यह जानकारी दी कि ओमान की नौसेना ने सऊदी अरब के झंडे वाले एक तेल टैंकर से 16 क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया है। पिछले हफ्ते इस टैंकर पर ईरान समर्थित या संबंधित हमला हुआ था जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इन लगातार हो रही घटनाओं से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं।