Iran Rial Crash: ईरान की करंसी में ऐतिहासिक गिरावट, एक डॉलर की कीमत पहुंची 22 लाख रियाल के पार.

ईरान की अर्थव्यवस्था इन दिनों भारी संकट से गुजर रही है और वहां की करंसी ईरानी रियाल में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। 2 सितंबर 2026 को ईरान की करंसी गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई और ओपन मार्केट में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत 22 लाख रियाल से भी ज्यादा हो गई। अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे सैन्य तनाव और हमलों के कारण देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है और लोगों के लिए रोजाना का खर्च चलाना भी बहुत मुश्किल हो गया है।
सैनिक तनाव और हमलों का असर
ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच चल रहे संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जो लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में सिरिक के पास एक शादी समारोह पर हुए अमेरिकी हवाई हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे। इसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन पर ड्रोन से हमले किए। इसके अलावा अमेरिकी सेना ने 1 सितंबर 2026 को ईरान के दो सरकारी टैंकरों को निशाना बनाया और 30 अगस्त 2026 को लार्क द्वीप पर रॉकेट लॉन्चरों को नष्ट कर दिया, जिसके बाद ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। इन सैन्य झड़पों के कारण देश की आर्थिक हालत पर बहुत बुरा असर पड़ा है।
केंद्रीय बैंक का बयान और महंगाई का हाल
ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दोलनासर हेम्मती ने 1 सितंबर 2026 को यह बयान दिया था कि देश के पास पर्याप्त विदेशी रिजर्व मौजूद है और उन्होंने करंसी में आई गिरावट की वजह सिर्फ मानसिक कारणों को बताया। गवर्नर ने करंसी को संभालने के लिए दो अरब डॉलर तक की रकम बाजार में उतारने की बात कही और बताया कि 21 मार्च 2026 के बाद से खाने-पीने की जरूरी चीजों और दवाइयों के लिए 18 अरब डॉलर से ज्यादा की राशि बांटी जा चुकी है। इन तमाम कोशिशों के बावजूद देश में महंगाई रुकने का नाम नहीं ले रही है और अगस्त 2026 में सालाना महंगाई दर बढ़कर 89 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि खाने-पीने के सामान की कीमतों में 127 प्रतिशत का बड़ा इजाफा हुआ है। इसके अलावा दवाइयों के दाम औसतन 80 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं और कुछ जरूरी दवाओं के दाम तो 300 प्रतिशत तक महंगे हो गए हैं।
अमेरिकी बयान और आंतरिक विरोध
अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने 1 सितंबर 2026 को यह कहा कि ईरान आर्थिक मोर्चे पर लगातार पिछड़ रहा है और उन्होंने पहले ही बड़े आर्थिक हमलों की चेतावनी दी थी। वहीं देश के अंदर भी सरकार की नीतियों का विरोध हो रहा है और सांसद हुसैन समसामी ने 30 अगस्त 2026 को चेतावनी दी थी कि अगर करंसी की कीमत में और गिरावट आई तो देश में बहुत बड़ा महंगाई का संकट आ सकता है। देश के पूर्व क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने इस आर्थिक तबाही के लिए पांच दशकों के भ्रष्टाचार को जिम्मेदार ठहराया है।
नए बैंकिंग नियम और राष्ट्रपति का बयान
इस गंभीर आर्थिक संकट से निपटने के लिए सेंट्रल बैंक ने नए बैंकिंग नियम बनाने की घोषणा की है जो 7 सितंबर 2026 से लागू होंगे, जिनके तहत एन्क्रिप्टेड चेक पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी और गारंटी वाले चेक के लिए तुरंत भुगतान का नियम बनाया गया है। देश के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी लगातार जारी युद्ध और हमलों के बीच अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे भारी दबाव को स्वीकार किया है।