ईरान ने अमेरिका के साथ बैठक से किया इनकार, कतर के जरिए जारी है बातचीत

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी बैठक की संभावना को खारिज कर दिया है।

Gautam Sahu31 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान ने अमेरिका के साथ बैठक से किया इनकार, कतर के जरिए जारी है बातचीत

तेहरान: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों के साथ किसी भी तरह की बैठक की कोई योजना नहीं है। 31 अक्टूबर 2026 को दिए गए अपने बयान में उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि कतर की मध्यस्थता से राजनयिक प्रयास जारी हैं, लेकिन सीधे तौर पर मुलाकात की कोई तैयारी नहीं है।

अराघची ने बताया कि ईरान बिचौलियों के माध्यम से कूटनीति को सफल होने का मौका दे रहा है। उन्होंने जोर दिया कि तेहरान का मुख्य ध्यान अभी तनाव कम करने के ढांचे के लिए आए प्रस्तावों की समीक्षा करने पर है।

इसी बीच, सैन्य तनाव चरम पर है। सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका को और हमलों के खिलाफ चेतावनी दी है। उन्होंने ईरानी सशस्त्र बलों को आदेश दिया है कि वे बिना किसी भौगोलिक सीमा के जवाब दें और अपने टारगेट लिस्ट को अपडेट करें, जिसमें अमेरिका और इजरायल की भौतिक और गैर-भौतिक संपत्तियां शामिल हों।

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विदेश मंत्री अराघची ने अंतरराष्ट्रीय बयानों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की आलोचना की, जिन पर अमेरिका-इजरायल बमबारी का समर्थन करने का आरोप है। अराघची ने दावा किया कि ईरान की सेना किसी भी खतरे के खिलाफ देश की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।

बातचीत का मुख्य केंद्र ईरान द्वारा सितंबर 2026 में प्रस्तावित '7-दिवसीय योजना' है। इस योजना में नौसेना की नाकाबंदी हटाने, तेल प्रतिबंधों में ढील देने और जमी हुई संपत्तियों को छोड़ने के बदले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के कदम शामिल हैं। कतर के मध्यस्थ शांति समझौते के लिए तेहरान और वॉशिंगटन के बीच लगातार यात्रा कर रहे हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर विरोधाभासी दावे सामने आए हैं। 30 अक्टूबर को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि जहाजों पर नेवल माइन्स का हमला हुआ और ड्रोन गिराए गए। दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड के चीफ एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि ईरानी नौसेना को बेअसर कर दिया गया है और शिपिंग लेन सुरक्षित हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 अक्टूबर को संकेत दिया था कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है, हालांकि उनका प्रशासन तेहरान से परमाणु रियायतों की मांग कर रहा है। इससे पहले 18 जून 2026 को इस्लामाबाद मेमोरेंडम पर हस्ताक्षर हुए थे, जिसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा और प्रतिबंधों का समाधान करना था।

ताजा जानकारी के मुताबिक, 31 अक्टूबर 2026 तक ईरानी वार्ताकार दोहा में हैं, जहां वे तनाव कम करने के प्रस्तावित रोडमैप को लेकर कतरी मध्यस्थों के साथ समन्वय कर रहे हैं।

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