रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की तेहरान यात्रा के बाद ईरान और रूस ने परमाणु और आर्थिक सहयोग बढ़ाने का किया फैसला

तेहरान: रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 19 अक्टूबर 2026 को तेहरान का दौरा किया, जिसे अधिकारियों ने दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों का ऐतिहासिक शिखर बताया है। इस यात्रा के दौरान ईरान और रूस ने अपने रणनीतिक रिश्तों को और गहरा करने पर सहमति जताई है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 20 अक्टूबर को कहा कि दोनों देशों ने पहले कभी इतनी करीबी से काम नहीं किया है जितना अब कर रहे हैं। बातचीत के दौरान यूरोप और पश्चिम एशिया के मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें लेबनान, फिलिस्तीन, यूक्रेन और यमन के संघर्षों पर विशेष ध्यान दिया गया।
इस दौरे का एक मुख्य हिस्सा आर्थिक और परमाणु सहयोग का विस्तार था। विदेश मंत्री लावरोव ने ईरान के साथ रणनीतिक साझेदारी के प्रति रूस की प्रतिबद्धता दोहराई और मौजूदा निवेश समझौतों को बनाए रखने का वादा किया।
जानकारी के मुताबिक, रूसी विशेषज्ञ बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में अपना काम फिर से शुरू कर रहे हैं। इसके अलावा, ऊर्जा और परिवहन के संयुक्त प्रोजेक्ट्स, खासकर रश्त-अस्तारा रेलवे परियोजना को प्राथमिकता दी जा रही है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने लावरोव से मुलाकात की और द्विपक्षीय समझौतों को तेजी से लागू करने की बात कही। राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने संकेत दिया कि उनकी आगामी मॉस्को यात्रा का उद्देश्य इन लक्ष्यों को आगे बढ़ाना है।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रज़ई ने रूस के साथ क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। वहीं लावरोव ने कहा कि मॉस्को मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर युद्ध को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है और मध्यस्थता के प्रयासों के लिए तैयार है।
रूस में ईरान के राजदूत काज़ेम जलाली ने बताया कि मॉस्को में होने वाले गैस निर्यातक देशों के फोरम शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पेज़ेशकियन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच और बातचीत होने की उम्मीद है।
एक अलग बयान में विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका की आलोचना की। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी असुरक्षा के लिए अमेरिकी नीतियां जिम्मेदार हैं।