तेहरान में मिले ईरान और रूस के विदेश मंत्री अब दोनों देशों के बीच पहले से कहीं ज्यादा बढ़ी नज़दीकियां

तेहरान: ईरान और रूस के बीच आपसी संबंध अब एक ऐसे स्तर पर पहुंच गए हैं जो पहले कभी नहीं देखा गया। यह बात ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ मुलाकात के बाद कही।
अराघची ने 20 अक्टूबर 2026 को मीडिया से बात करते हुए बताया कि दोनों देशों के बीच वर्तमान में जितना सहयोग है, उतना पहले कभी नहीं रहा। सर्गेई लावरोव 19 अक्टूबर को तेहरान पहुंचे थे। क्षेत्रीय संघर्ष बढ़ने के बाद यह उनकी पहली तेहरान यात्रा थी।
दोनों नेताओं ने फिलिस्तीन, लेबनान, यूक्रेन और यमन जैसी वैश्विक और क्षेत्रीय समस्याओं पर चर्चा की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि क्षेत्रीय अस्थिरता को सैन्य रास्तों के बजाय राजनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाना जरूरी है।
अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य में असुरक्षा के लिए अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता को मुख्य कारण बताया। इस बातचीत का एक बड़ा हिस्सा जनवरी 2025 में हस्ताक्षरित 20 साल का व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौता था, जो 2 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुका है।
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस समझौते के प्रति मॉस्को की प्रतिबद्धता दोहराई। यह संधि रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा, व्यापार और परिवहन जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आसान बनाती है।
लावरोव ने कहा कि रूस एक बड़े पैमाने के युद्ध को रोकने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है, खासकर तब जब ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत रुकी हुई है।
ऊर्जा और परमाणु सहयोग पर भी चर्चा हुई। लावरोव ने पुष्टि की कि रूसी विशेषज्ञ बुशहर परमाणु ऊर्जा संयंत्र में वापस लौटेंगे। इससे पहले संघर्ष के कारण उन्हें वहां से जाना पड़ा था।
दोनों अधिकारियों ने ब्रिक्स (BRICS), शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) जैसे बहुपक्षीय संगठनों के माध्यम से अपनी साझेदारी को और विस्तार देने पर भी बात की।