क्षेत्रीय स्थिरता के लिए ईरान और रूस ने रणनीतिक सहयोग बढ़ाने का वादा किया और अमेरिका व इजरायल के हमलों की निंदा की

तेहरान: ईरान और रूस ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने के लिए अपने रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई है। 19 अक्टूबर 2026 को तेहरान में हुई एक बैठक के दौरान ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मेजर जनरल मोहसेन रजाई ने रूस के साथ संबंधों को मजबूत करने की बात कही।
यह मुलाकात रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की उस यात्रा के दौरान हुई, जो अमेरिका और ईरान के बीच आठ महीने पहले शुरू हुए संघर्ष के बाद उनकी पहली ईरान यात्रा है। बैठक में मेजर जनरल रजाई ने कहा कि क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा और स्थिरता के लिए बहुपक्षीय प्रयासों की जरूरत है।
रजाई ने तेहरान और मॉस्को के बीच की रणनीतिक साझेदारी को क्षेत्रीय स्थिरता और विकास का मुख्य आधार बताया। उन्होंने विशेष रूप से रणनीतिक परिवहन गलियारों को पूरा करने जैसे संयुक्त आर्थिक कदमों पर जोर दिया और द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के रूसी प्रस्तावों का समर्थन किया।
दूसरी ओर, विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अंतरराष्ट्रीय निकायों में ईरान के हितों का समर्थन करने का भरोसा दिया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में ईरान का साथ देने की बात कही।
लावरोव ने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की हालिया सैन्य कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की। उन्होंने खासकर उन परमाणु केंद्रों पर हुए हमलों की आलोचना की जो IAEA की निगरानी में काम कर रहे हैं। उन्होंने तेहरान और मॉस्को के भविष्य के संबंधों को व्यापक और बहुआयामी बताया।
दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में मध्य पूर्व, फारस की खाड़ी, दक्षिण काकेशस और कैस्पियन सागर के घटनाक्रमों पर करीबी समन्वय बनाने पर सहमति बनी। अपनी इस यात्रा के दौरान मंत्री लावरोव ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ भी अलग-अलग मुलाकातें कीं।