ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों की फोन पर बात, क्षेत्रीय तनाव को लेकर हुई चर्चा

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi और सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan के बीच क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर एक महत्वपूर्ण फोन पर बातचीत हुई। यह बातचीत गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्र में चल रहे घटनाक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा की स्थिति को संभालना था।
यमन में बढ़ते संघर्ष और बंदरगाह पर कब्जा
यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब यमन में संघर्ष काफी ज्यादा बढ़ गया है। सरकारी फौजों और हूती विद्रोहियों के बीच फिर से लड़ाई शुरू हो गई है और सऊदी अरब की तरफ हमले भी बढ़ गए हैं। 10 सितंबर 2026 को आई रिपोर्ट के अनुसार, हूती ताकतों ने लाल सागर के मुख्य बंदरगाह Mokha पर अपना कब्जा जमा लिया है। इससे महत्वपूर्ण Bab el-Mandeb शिपिंग जलडमरूमध्य के पास सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इसके अलावा, सऊदी अरब के तेल और नागरिक ठिकानों पर हूती हमलों की खबरें भी सामने आई हैं।
राजनयिक सहयोग और मक्का संयुक्त रक्षा समझौता
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि अस्थिरता को और अधिक फैलने से रोकने के लिए लगातार राजनयिक सहयोग बहुत जरूरी है। रियाद और तेहरान के बीच सामान्यीकरण की प्रक्रिया के तहत इस संपर्क को काफी अहम माना जा रहा है, ताकि खुले संवाद को बनाए रखा जा सके। इस बीच, अगस्त में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच साइन किए गए Makkah Joint Defence Agreement पर भी चर्चा हो रही है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने 10 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि इस समझौते का मतलब किसी एक पर हमला सभी पर हमला है, लेकिन हालिया हूती हमलों पर सैन्य प्रतिक्रिया देने या गठबंधन का विस्तार करने की अभी कोई योजना नहीं है।