सऊदी-ईरान विदेश मंत्री फोन पर बातचीत, क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी कूटनीति

Mohd. Irfan11 October 20262 min read0 viewsSaudi
सऊदी-ईरान विदेश मंत्री फोन पर बातचीत, क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी कूटनीति

रियाद: रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्लाह अल सऊद के बीच फोन पर बातचीत हुई। यह सऊदी-ईरान विदेश मंत्री बातचीत ऐसे वक्त में हुई है, जब पश्चिम एशिया में हालात तेज़ी से बिगड़ते दिख रहे हैं और एक दिन पहले राजधानी रियाद का हवाई अड्डा सीधे निशाने पर था।

बातचीत में अराघची ने साफ कहा कि पश्चिम एशिया के संकटों का कोई सैन्य हल नहीं है। उनका कहना था कि सैन्य रास्तों पर लगातार भरोसा करने से मौजूदा टकराव और उलझेंगे। यानी ईरान का संदेश यह रहा कि बातचीत का रास्ता खुला रखा जाए।

ईरान ने इस दौरान एक और अहम पेशकश की। उसने कहा कि वह सऊदी अरब और यमन के बीच सीधी बातचीत को आसान बनाने में हर संभव मदद देने को तैयार है, ताकि किसी राजनीतिक समाधान तक पहुंचा जा सके।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

शनिवार को रियाद में क्या हुआ

इस कूटनीतिक पहल की पृष्ठभूमि बेहद गंभीर है। शनिवार, 10 अक्टूबर को यमन के हूती विद्रोहियों ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल हमला किया। इसमें कम से कम 12 लोगों की मौत हुई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए। हमले के बाद रविवार को हवाई अड्डा बंद करना पड़ा।

दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास भी तनाव की खबरें आईं, जिस पर हूती समूह ने निशाना बनाने का दावा किया है। सऊदी विमानन ढांचे को लेकर हूती धमकियां पहले से आ रही थीं, और अब वे हकीकत में बदलती दिख रही हैं।

संयुक्त राष्ट्र के यमन के लिए विशेष दूत हांस ग्रंडबर्ग ने सुरक्षा परिषद को बताया कि यमन एक बार फिर पूरी तरह युद्ध की स्थिति में लौट चुका है। उनके मुताबिक अगस्त के बाद से दो लाख से ज़्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस ने नागरिक ढांचे पर हुए मिसाइल हमलों की निंदा करते हुए इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।

सऊदी अरब, मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की समेत कई देशों ने भी संयुक्त बयान जारी कर हूती हमलों की आलोचना की है। ज़मीन पर यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार की सेनाएं सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से बड़े सैन्य अभियान में जुटी हैं। गठबंधन ने हूती ठिकानों पर 1,700 से ज़्यादा हवाई हमलों का दावा किया है और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य तथा मयून द्वीप पर नियंत्रण की बात कही है। ताइज़ इल

Share:

Comments

Leave a comment