Iran School Reopen: महीनों की जंग के बाद ईरान में खुले स्कूल, बच्चों की वापसी से माहौल हुआ गमगीन

मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के लंबे दौर और महीनों की भारी तबाही के बाद आखिरकार बुधवार, 23 सितंबर 2026 को ईरान के स्कूलों में बच्चों की रौनक लौट आई है। इस नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही देश के करोड़ों छात्र ऑनलाइन पढ़ाई को छोड़कर एक बार फिर से क्लासरूम में लौटने लगे हैं, हालांकि हालात अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाए हैं और कई जगहों पर डर का माहौल बना हुआ है।
इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसके बाद बिगड़ते हालातों को देखते हुए 21 अप्रैल 2026 से पूरे देश में ऑफलाइन कक्षाओं को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया था। जानकारों के अनुसार देश के कुल 1.65 करोड़ छात्र अब 124,000 से अधिक स्कूलों में वापस जा रहे हैं, लेकिन दक्षिण के कुछ चुनिंदा प्रांतों में सुरक्षा कारणों से अभी भी अगले दो हफ्तों तक पढ़ाई ऑनलाइन ही जारी रखने का फैसला लिया गया है.
युद्ध में स्कूलों को पहुंचा भारी नुकसान
ईरान के शिक्षा मंत्रालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक इस भयानक संघर्ष की वजह से देश भर में कुल 1,288 स्कूल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। देश के शिक्षा मंत्री अरेजा काज़ेमी ने पहले ही इस बात की जानकारी दी थी कि हिंसक झड़पों और हमलों के कारण कम से कम 20 स्कूल पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो चुके हैं और इस दौरान दुर्भाग्य से 279 छात्रों की भी जान चली गई है.
संयुक्त राष्ट्र की एक फैक्ट-फाइंडिंग टीम ने अपनी जांच में इस बात के पुख्ता सबूत पाए हैं कि ईरान के मिनाब शहर में एक स्कूल पर हुए सैन्य हमलों के पीछे अमेरिका का हाथ था। इस दर्दनाक हमले में 120 मासूम बच्चों की मौत हो गई थी, जिसे संयुक्त राष्ट्र मिशन ने एक गंभीर युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा है। बच्चों की इतनी बड़ी संख्या में मौत और स्कूलों के तबाह होने की वजह से इस बार स्कूलों का दोबारा खुलना किसी जश्न की तरह नहीं बल्कि बेहद गमगीन माहौल में हो रहा है.
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि
इस कठिन समय में बच्चों और शिक्षकों का हौसला बढ़ाने के लिए देश के बड़े नेता खुद मैदान में उतरे। तेहरान में आयोजित एक औपचारिक उद्घाटन समारोह में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खुद हिस्सा लिया और संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवाने वाले छात्रों और शिक्षकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मामलों के उपराष्ट्रपति हुसैन अफशिन ने मिनाब के एक प्राइमरी स्कूल में पहुंचकर खुद घंटी बजाई और नए सत्र की शुरुआत की.
छात्रों की पढ़ाई और मौजूदा हालातों को ध्यान में रखते हुए ईरानी सरकार ने स्कूल के पाठ्यक्रम में भी बड़ा बदलाव किया है। संगठन फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड प्लानिंग ने 'वी डिफेंड अवर ईरान' नाम से नई शैक्षणिक सामग्री की 1.2 करोड़ कॉपियां छपवाकर स्कूलों में बांटी हैं। इन किताबों में देश की सैन्य और परमाणु क्षमताओं के साथ-साथ मौजूदा संघर्ष से जुड़ी तमाम बातों को भी शामिल किया गया है ताकि बच्चों को वर्तमान हालातों के बारे में सही जानकारी मिल सके.