ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रजाई ने चेतावनी दी कि देश के खिलाफ किसी भी हमले की भारी कीमत चुकानी होगी
ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसिन रजाई ने कहा कि देश पर किसी भी हमले की भारी कीमत चुकानी होगी और अमेरिका के साथ बातचीत के लिए शर्तें रखीं।

तेहरान: ईरान के सुरक्षा प्रमुख मेजर जनरल मोहसिन रजाई ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर उनके देश के खिलाफ कोई भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई की गई, तो उसकी बहुत भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि हालांकि ईरान आपसी समझ के लिए कूटनीति को प्राथमिकता देता है, लेकिन अगर युद्ध जारी रहता है तो देश के पास जवाब देने के लिए जरूरी साधन मौजूद हैं।
स्टेट रन आईआरएनए न्यूज एजेंसी के जरिए रजाई ने बताया कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ बैठक के दौरान उन्होंने इन मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान ने संघर्ष के शुरुआती चरणों में अपनी कुछ सैन्य क्षमताओं को छिपाकर रखा था और भविष्य में तनाव बढ़ने पर उन्हें तैनात करने के लिए तैयार है।
सुरक्षा प्रमुख ने आगाह किया कि क्षेत्र में अस्थिरता जारी रहने से अगले 30 साल तक ऊर्जा बाजारों में बाधा आ सकती है। परमाणु कार्यक्रम पर बात करते हुए रजाई ने कहा कि समृद्ध यूरेनियम का एक भी कण देश से बाहर नहीं जाएगा, क्योंकि यह घरेलू उपयोग के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति है।
अमेरिका के साथ संबंधों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक वॉशिंगटन भरोसा कायम करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी। राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, बातचीत के लिए युद्ध का तुरंत खत्म होना, जमी हुई ईरानी धनराशि की वापसी और नौसैनिक नाकाबंदी को हटाना जरूरी शर्तें हैं।
विदेश मंत्री अराघची ने चेतावनी दी है कि जब तक तेहरान की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहेगा। पाकिस्तान, कतर और रूस की मध्यस्थता की कोशिशों के बावजूद ईरानी नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका को पहले धमकियां बंद करनी होंगी और ईरान के अधिकारों को मान्यता देनी होगी।