ईरान की पड़ोसी देशों को सख्त चेतावनी, अमेरिका के एविएशन प्रतिबंधों का साथ दिया तो एयरपोर्ट होंगे ठप.

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने सरकारी टेलीविजन पर एक कड़ा बयान जारी किया। उन्होंने 23 सितंबर 2026 को पड़ोसी देशों को चेतावनी दी कि यदि वे अमेरिकी पाबंदियों का पालन करेंगे, तो उनके हवाई अड्डों के संचालन को बाधित किया जाएगा। रेजाई ने साफ कहा कि यदि वे दखल देते हैं, तो अमेरिका का सहयोग करने वाले पड़ोसी देशों के विमानों के संचालन को सीमित कर दिया जाएगा। उन्होंने क्षेत्रीय साझेदारों से अपील की कि वे अमेरिका के हाथों की कठपुतली न बनें और संघर्ष को बढ़ने से रोकने में मदद करें।
कड़े अमेरिकी प्रतिबंध और आर्थिक डी-डे का ऐलान
यह पूरा तनाव अमेरिका की तरफ से लागू किए गए नए और कड़े प्रतिबंधों के बाद शुरू हुआ, जो 23 सितंबर से प्रभावी हो गए हैं। इनका मुख्य मकसद ईरानी विमानन कंपनियों को जमीन पर बैठाना है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने 21 सितंबर को घोषणा की थी कि जो भी इकाई ईरानी एयरलाइंस को ईंधन, लैंडिंग सेवाएं या टिकट बिक्री की सुविधा देगी, उसे डॉलर प्रणाली से बाहर कर दिया जाएगा। उन्होंने इस कदम को आर्थिक डी-डे करार दिया। इससे पहले 8 सितंबर को 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' की शुरुआत हुई थी, जिसमें अमेरिकी ट्रेजरी ने हथियार और अवैध सामान ढोने के आरोप में 36 संस्थाओं को प्रतिबंधित किया था, जिनमें 27 ईरानी एयरलाइंस शामिल थीं।
विभिन्न देशों की प्रतिक्रिया और उड़ानों की स्थिति
इन पाबंदियों के बाद अलग-अलग देशों से अलग-अलग कदम सामने आए हैं। जॉर्जिया और अज़रबैजान ने आधिकारिक तौर पर ईरान से आने वाली उड़ानों को निलंबित कर दिया है। वहीं, इराक ने अपने नागरिक उड्डयन प्राधिकरण को बग़داد के लिए सेवा रोकने का निर्देश दिया है और उड़ानों को नजफ की तरफ मोड़ने पर चर्चा जारी है। इसके विपरीत, ईरान के सिविल एविएशन संगठन के प्रवक्ता Majid Akhavan ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अपने तय समय पर चल रही हैं। FlightRadar24 के आंकड़ों से यह बात सामने आई कि चीन के गुआंगज़ौ में महान एयर के विमान उतरे। चीन ने इन अमेरिकी प्रतिबंधों को अवैध बताते हुए खुला विरोध किया और रूस ने भी इस एकतरफा फैसले के खिलाफ अपनी बात रखी। हालांकि कुछ एयरलाइंस ने बग़داد, मस्कट और कतर जाने वाले रूट रद्द किए, लेकिन इस्तांबुल, शंघाई, गुआंगज़ौ और काबुल के लिए सेवाएं अभी भी जारी हैं।