ईरान की बड़ी चेतावनी: दुश्मनों के लिए खुलेंगे 'नए मोर्चे', होगा बड़ा सरप्राइज

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपने विरोधियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने साफ किया है कि अगर दुश्मनों ने कोई भी 'गलत गणना' (miscalculation) की, तो इसका परिणाम 'नए मोर्चों' और 'बड़े सरप्राइज' के रूप में सामने आएगा। रजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अतीत में दुश्मनों की गलतियों ने उन्हें भारी हार दिलाई है और ईरान इस बार भी पूरी तैयारी के साथ खड़ा है।
ईरान के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इसी तरह के कड़े संदेश दिए हैं। ईरानी सेना के कमांडर मेजर जनरल अमीर हातमी ने चेतावनी दी कि मौजूदा संघर्ष अभी सुलझा नहीं है और किसी भी नए खतरे का जवाब 'कुचल देने वाला' होगा। उन्होंने कहा कि सैन्य असफलताओं के बाद अब दुश्मन आर्थिक दबाव का सहारा ले रहे हैं। वहीं, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि भविष्य में किसी भी सैन्य टकराव का जवाब पहले से कहीं अधिक मजबूत और निर्णायक होगा, हालांकि उन्होंने कूटनीति के रास्ते खुले रखे हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सात दिनों के भीतर सुरक्षा बहाल करने का प्रस्ताव भी दिया है।
क्षेत्रीय तनाव और सैन्य तैयारी
ईरान की सैन्य तैयारियों और रणनीतियों को लेकर कई बड़े दावे किए गए हैं:
- क्षेत्रीय विस्तार: सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी कि कोई भी नया संघर्ष केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लेगा। उन्होंने अमेरिकी हमलों पर 'असीमित प्रतिक्रिया' देने का वादा किया।
- अमेरिकी स्थिति: IRGC के सलाहकार समूह के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अली फदावी का दावा है कि अमेरिकी सेना ईरानी सीमाओं से 1,000 किलोमीटर पीछे हट गई है। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में मौजूद अमेरिकी युद्धपोत IRGC के ऑपरेशनों के लिए पूरी तरह असुरक्षित हैं।
- साइबर युद्ध: साइबर स्पेस काउंसिल के सचिव मोहम्मद अमीन अगामीरी ने स्पष्ट किया कि यदि स्टारलिंक जैसे सैटेलाइट इंटरनेट बुनियादी ढांचे का उपयोग संघर्ष में किया गया, तो उन्हें वैध सैन्य लक्ष्य माना जाएगा।
इन चेतावनियों के बीच जमीन पर कार्रवाई भी देखने को मिली है। 5 अक्टूबर को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर को IRGC की चेतावनी के बाद अपना रास्ता बदलना पड़ा। आंतरिक मोर्चे पर, ईरान ने जनवरी 2026 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पकड़े गए दो व्यक्तियों को फांसी दी है। साथ ही, काबुल में ईरान के दूतावास के उप प्रमुख हसन मोर्तजावी ने क्षेत्रीय खतरों का हवाला देते हुए तालिबान के साथ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है।