Iran News: ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान में बड़ी कार्रवाई, सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ में 4 आतंकवादियों को किया ढेर.

ईरान के अशांत इलाके में सुरक्षा बलों ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 12 सितंबर 2026 को सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के सारावान जिले में सुरक्षा बलों और एक सशस्त्र समूह के बीच भीषण झड़प हुई। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने कम से कम चार ऐसे लोगों को मार गिराया जिन्हें प्रशासन ने 'किराए के आतंकवादी' यानी mercenary terrorists बताया है। इस पूरी घटना के बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने दी मुठभेड़ की पूरी जानकारी
सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के उप-राज्यपाल अली खलीलबाबादी ने इस बात की पुष्टि की है कि सुरक्षा एजेंसियों ने सुबह 4 बजे स्थानीय समय के अनुसार इस अभियान की शुरुआत की थी। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य एक ऐसे 'अंति-सुरक्षा समूह' को बेअसर करना था, जो सार्वजनिक शांति को भंग करने के लिए किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में था। अधिकारी खलीलबाबादी ने मीडिया को बताया कि इस armed group के कई सदस्य इस मुठभेड़ में मारे गए या फिर गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। उन्होंने यह भी साफ किया कि अब स्थिति पूरी तरह से सुरक्षा बलों के नियंत्रण में है।
करीब आठ घंटे तक चली भीषण गोलीबारी
ईरान की प्रमुख समाचार एजेंसी तसनीम की रिपोर्ट के मुताबिक, यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब सुरक्षा बलों ने, जिन्हें 'इस्लामिक फाइटर' भी कहा जा रहा है, एक रिहायशी इमारत पर अचानक धावा बोल दिया। इस इमारत का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। दोनों तरफ से गोलाबारी का यह सिलसिला लगातार करीब आठ घंटे तक चलता रहा। यह हिंसा बख्शान इलाके से फैलती हुई मदानी ग्रैंड मस्जिद और जहांदाबाद के आसपास के इलाकों तक पहुंच गई। स्थानीय मानवाधिकार संगठन हालवश ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह लड़ाई बेहद खतरनाक थी जिसमें भारी हथियारों, लगातार गोलियों की आवाज और एक के बाद एक कई धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही थीं।
सड़कों को किया गया बंद और सुरक्षा बढ़ाई गई
मानवाधिकार संगठन हालवश के अनुसार, हमलावरों ने इस हिंसा के दौरान कम से कम तीन सैन्य वाहनों और दो सुरक्षा assembly points को अपना निशाना बनाया। इस भारी तनाव को देखते हुए सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मदानी ग्रैंड मस्जिद के आसपास की सभी सड़कों और रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने मौके से सभी शवों और घायलों को हटाने की पुष्टि कर दी है, लेकिन इस पूरी झड़प में खुद सुरक्षा बलों के कितने जवान हताहत हुए हैं, इसकी सही संख्या और पहचान अभी तक आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है और न ही इसकी पुष्टि की गई है।