मीनाब स्कूल हमला: पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ईरान ने कसी कमर

ईरान अब अपने देश के मीनाब स्थित शजारेह तय्येबा स्कूल पर हुए भीषण हमले के पीड़ितों के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है। 28 फरवरी 2026 को हुए इस दर्दनाक हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। हाल ही में ईरान के मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप न्याय मंत्री असकर जलालियन ने हमले वाली जगह का दौरा किया और स्पष्ट किया कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
यह हमला 2026 के ईरान युद्ध के पहले दिन हुआ था, जिसमें टोमाहॉक क्रूज मिसाइलों के जरिए 'डबल-टैप' स्ट्राइक की गई थी। इस हमले में कुल 156 लोगों की मौत हुई, जिनमें सबसे ज्यादा संख्या बच्चों की थी। आंकड़ों के मुताबिक, 120 मासूम बच्चे, 26 शिक्षक और 7 अभिभावक इस हमले की भेंट चढ़ गए, जबकि 95 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए। इसे 21वीं सदी में नागरिकों पर अमेरिका का सबसे घातक हमला माना जा रहा है।
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संस्थाओं की रिपोर्ट
इस घटना की गंभीरता को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र (UN) के एक तथ्य-खोज मिशन ने सितंबर 2026 में अपनी रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस बात के पुख्ता आधार हैं कि मीनाब स्कूल और लामेरद के एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पर हुए हमलों के दौरान अमेरिका ने युद्ध अपराध किए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय ने इसे नागरिकों पर किया गया अंधाधुंध हमला बताते हुए निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
सिर्फ संयुक्त राष्ट्र ही नहीं, बल्कि एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच जैसी स्वतंत्र संस्थाओं ने भी इस पर सवाल उठाए हैं। इन संस्थाओं का कहना है कि हमले में सटीक गाइडेड हथियारों का इस्तेमाल किया गया था और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि उस स्कूल का उपयोग किसी सैन्य उद्देश्य के लिए किया जा रहा था।
दूसरी ओर, अमेरिका ने जानबूझकर हमला करने की बात से इनकार किया है। जून 2026 में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इस घटना की जांच चल रही है और यह हमला जानबूझकर नहीं किया गया था। हालांकि, यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र महासचिव सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। अब ईरान का राष्ट्रपति कानूनी मामलों का कार्यालय राष्ट्रीय संसाधनों को जुटाकर इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ले जाने की तैयारी में है।