ईरान की IRGC ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास अमेरिका का जासूसी ड्रोन पकड़ा और एक अन्य को गिराया
ईरान की IRGC ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम में अमेरिका का एक जासूसी ड्रोन पकड़ा है और एक अन्य ड्रोन को मार गिराया है।

तेहरान: ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम में अमेरिका का एक MQM-170 जासूसी और डिकॉय ड्रोन सुरक्षित पकड़ लिया है। IRGC ने यह जानकारी 29 अक्टूबर 2026 को दी।
IRGC नेवी के जनसंपर्क कार्यालय के मुताबिक, उनकी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर यूनिट ने पहले इस विमान का पता लगाया और उसकी पहचान की। इसके बाद ड्रोन के गाइडेंस और कंट्रोल सिस्टम पर कब्जा कर उसे सुरक्षित लैंडिंग के लिए मजबूर किया गया।
ईरानी सैन्य विशेषज्ञों ने बताया कि इस ड्रोन का मिशन फारस की खाड़ी के तट और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के किनारे लगे ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों की पहचान करना था। ड्रोन से मिले आंकड़ों के विश्लेषण से संकेत मिला है कि यह फारस की खाड़ी के किसी अज्ञात दक्षिणी तटीय देश से आया था।
इसी दिन IRGC एयरोस्पेस फोर्स ने एक और खबर दी। उन्होंने दावा किया कि हॉर्मुज़ग़ान प्रांत के सिरिक के पास पूर्वी हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक उन्नत अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया गया। IRGC के मुताबिक, यह उनके द्वारा नष्ट किया गया 14वां MQ-1 ड्रोन है।
क्षेत्र में तनाव के बीच IRGC ने यह भी बताया कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश के दौरान बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से तीन तेल टैंकरों में आग लग गई। ईरान ने चेतावनी दी है कि जलमार्ग के अनधिकृत रास्तों पर बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं।
ईरान का कहना है कि वह 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के 'आक्रामक युद्ध' का जवाब दे रहा है। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अभी तक इन ड्रोनों के खोने की पुष्टि नहीं की है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद सैन्य तनाव बढ़ने की अटकलें हैं। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, वॉशिंगटन ने खाड़ी के अरब देशों को एक संक्षिप्त और तीव्र सैन्य अभियान के लिए तैयार रहने की सलाह दी थी।