अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान ने कतर के जरिए रखी शर्तें, ठुकराने पर दी जंग की चेतावनी

ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने 19 सितंबर 2026 को यह ऐलान किया कि उनके देश ने कतर और पाकिस्तान के मीडिएटर्स के माध्यम से अमेरिका के पास कुछ शर्तें भेजी हैं। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, इन शर्तों का मुख्य उद्देश्य चल रहे युद्ध और तनाव को रोकना है। तेहरान अब इन मांगों पर अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के औपचारिक जवाब का इंतजार कर रहा है। ईरान के अधिकारियों ने कुल सात शर्तें तैयार की हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से तीन मुख्य मांगों पर जोर दिया गया है।
ईरान की तीन मुख्य शर्तें और चेतावनी
ईरान की तरफ से रखी गई इन तीन प्रमुख मांगों में सभी मोर्चों पर तुरंत युद्ध रोकना, फ्रीज किए गए ईरानी फंड को रिलीज करना और नेवल नाकाबंदी को हटाना शामिल है। Mohsen Rezaei ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि राष्ट्रपति ट्रंप का प्रशासन इन शर्तों को खारिज करता है, तो ईरान एक निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी कहा कि वाशिंगटन को धमकियों की बजाय इन शर्तों को मान लेना चाहिए क्योंकि पुरानी धमकियों का कोई असर नहीं हुआ है। अमेरिका द्वारा पुराने समझौते से पीछे हटने के बाद ईरान की रणनीति बदली है और अब वह अमेरिकी कमजोरियों को निशाना बना रहा है, जिसका उदाहरण हाल ही में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के पास किया गया एंटी-शिप मिसाइल टेस्ट है।
अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रंप का रुख
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर एक बड़े फैसले पर विचार कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बातचीत के रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं और उनका मानना है कि तेहरान इस मामले में किसी समझौते तक पहुंचना चाहता है। इस पूरी स्थिति पर अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं। खाड़ी देशों में चल रहे इस तनाव का असर वहां रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों की सुरक्षा पर भी पड़ सकता है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।