ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में किया बड़ा बदलाव, अब हमले का जवाब रक्षात्मक नहीं बल्कि आक्रामक तरीके से देगा देश

तेहरान: ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में एक बड़ा बदलाव किया है। अब देश केवल अपनी रक्षा नहीं करेगा, बल्कि किसी भी हमले की स्थिति में आक्रामक कार्रवाई भी करेगा। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहेबी ने बुधवार को यह घोषणा की।
स्टूडेंट न्यूज नेटवर्क से बात करते हुए मोहेबी ने कहा कि अगर ईरान पर हमला होता है, तो देश अब जवाब देने के साथ-साथ आक्रामक अभियान भी चलाएगा। उन्होंने बताया कि खतरों के खिलाफ स्थायी और पूर्ण प्रतिरोध बनाने के लिए ईरान अब एसिमेट्रिक वॉरफेयर (असममित युद्ध) का अधिक उपयोग करेगा।
मोहेबी ने एक नए हथियार के आने का संकेत दिया है, जिसे 'फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' कहा जा रहा है। यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के परमाणु केंद्रों पर GBU-43/B 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' के इस्तेमाल के संभावित संकेतों के बाद उठाया गया है।
ईरान ने अपनी मिसाइल ताकत में भी बढ़ोतरी की है। प्रवक्ता के मुताबिक, जून 2025 में इजरायल के साथ हुए 12 दिनों के संघर्ष के बाद से ईरान के मिसाइल भंडार में 1.5 गुना इजाफा हुआ है। इन मिसाइलों की मारक क्षमता, सटीकता और रेंज में भी सुधार किया गया है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि हमले की स्थिति में वह होर्मुज जलडमरूमध्य में मौजूद समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों को निशाना बना सकता है। वहीं एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने प्रेस टीवी को बताया कि ईरान पूर्ण पैमाने पर बहुस्तरीय युद्ध के लिए तैयार है और किसी भी नए हमले या हत्या का जवाब बिना किसी रोक-टोक के देगा।
इन घटनाक्रमों के बीच सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबफ ने अमेरिका और इजरायल के साथ जारी टकराव पर चर्चा की है। दूसरी ओर, राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने कहा है कि अमेरिका के साथ किसी भी बातचीत से पहले प्रतिबंध और धमकियां हटानी होंगी।
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर अमेरिका विश्वास बहाली के लिए सच्ची प्रतिबद्धता दिखाता है, तो तेहरान कूटनीति के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि बातचीत के बजाय युद्ध को चुनना एक बड़ी रणनीतिक विफलता होगी। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाएई ने अमेरिकी हमले के बिना जवाब मिलने की बात को एक भ्रम बताया था।
क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 21 अक्टूबर 2026 को नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। इसी दौरान सऊदी अरब के शायबाह तेल क्षेत्र पर ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई और दो घायल हो गए। हूती गतिविधियों के बढ़ने के कारण अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है।
ईरान के होरमोज़गान प्रांत के सिरिक शहर में धमाकों की खबरें आई हैं। साथ ही इराक और ईरान के बीच शीब बॉर्डर क्रॉसिंग को बंद कर दिया गया है।