ईरान के IRGC का दावा: होर्मुज के पास गिराए 3 अमेरिकी ड्रोन, इनमें एक MQ-9

ईरान के IRGC ने दावा किया है कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 3 अमेरिकी ड्रोन मार गिराए हैं, जिनमें 55वां MQ-9 ड्रोन भी शामिल है।

Gautam Sahu2 November 20262 min read0 viewsWorld
ईरान के IRGC का दावा: होर्मुज के पास गिराए 3 अमेरिकी ड्रोन, इनमें एक MQ-9

तेहरान (ईरान): ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास तीन अमेरिकी ड्रोन मार गिराए हैं। इन गिराए गए ड्रोनों में 55वां MQ-9 सैन्य ड्रोन भी शामिल है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ा हुआ है।

ईरानी सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के मुताबिक, IRGC ने बताया कि केसम द्वीप के दक्षिण में इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों का इस्तेमाल कर दो अमेरिकी MQM-170 टोही ड्रोनों को नीचे गिराया गया। इसके साथ ही इस तरह के पकड़े गए ड्रोनों की कुल संख्या अब चार हो गई है।

एक अलग बयान में IRGC एयरोस्पेस फोर्स ने कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में एक अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। IRGC के अनुसार, देश के एकीकृत हवाई रक्षा नेटवर्क के तहत काम कर रहे नए विकसित एयर डिफेंस सिस्टम ने इस 55वें उन्नत MQ-9 ड्रोन को ट्रैक कर मार गिराया।

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तनाव के बीच दोनों पक्षों ने संकेत दिए हैं कि संभावित समाधान के लिए राजनयिक प्रयास जारी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को दावा किया कि ईरान के साथ राजनयिक समझौते की उम्मीदों के कारण तेल की कीमतें लगभग 10 डॉलर प्रति बैरल गिर गई हैं।

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि तेल की कीमतें तेजी से गिर रही हैं क्योंकि लोगों को लगता है कि ईरान के साथ युद्ध नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान जल्द से जल्द समझौता चाहता है और ऐसा हो सकता है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी तेहरान के साथ बातचीत के जरिए समझौते की संभावनाओं पर उम्मीद जताई। मिनेसोटा में फॉक्स न्यूज से बात करते हुए वेंस ने बताया कि राष्ट्रपति और वह दोनों बातचीत के जरिए समाधान निकालने की संभावनाओं को लेकर सकारात्मक महसूस कर रहे हैं और इस दिशा में कुछ प्रगति हुई है।

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान कूटनीति और सैन्य टकराव दोनों के लिए तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी नए सैन्य अभियान का जवाब और भी कड़ा होगा। अराघची के मुताबिक ईरान ने अपनी शर्तें और एक प्रस्तावित राजनयिक योजना पेश की है, अब अगली कार्रवाई वाशिंगटन की इच्छा पर निर्भर करती है।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने भी कहा कि बातचीत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अमेरिका की है। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को खत्म करने की तेहरान की मांग को दोहराया।

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