ईरान के सुरक्षा परिषद सचिव मोहसिन रजाई ने हूती दूत से मुलाकात कर यमन संघर्ष पर चर्चा की
ईरान के सुरक्षा परिषद सचिव मोहसिन रजाई ने हूती दूत से मुलाकात कर फिलिस्तीन के समर्थन और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बात की।

तेहरान: ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने मंगलवार को ईरान में हूती राजदूत इब्राहिम मोहम्मद अल-दैलमी के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। ईरानी राज्य टेलीविजन के मुताबिक इस बैठक में यमन के सक्रिय युद्ध क्षेत्रों में हो रहे ताजा घटनाक्रमों पर विस्तार से बातचीत हुई।
बैठक के दौरान मोहसिन रजाई ने फिलिस्तीन और गाजा के समर्थन में हूती आंदोलन द्वारा की गई कार्रवाइयों की तारीफ की। उन्होंने हूतियों के इन प्रयासों को इजरायल के खिलाफ एक सम्मानजनक अभियान बताया।
रजाई ने इस मुलाकात को क्षेत्रीय सुरक्षा की व्यापक पहल से जोड़ते हुए बताया कि सोमवार को तेहरान में तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब के प्रतिनिधियों के साथ एक चारतरफा शिखर सम्मेलन हुआ था। उस बैठक का मकसद सुरक्षा व्यवस्था में तालमेल बिठाना, विदेशी सैन्य बलों की वापसी को आसान बनाना और बाहरी हस्तक्षेप को रोकना था।
सोशल मीडिया पर रजाई ने कहा कि वॉशिंगटन सुरक्षा की गारंटी देने में नाकाम रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि विदेशी हस्तक्षेप को रोकने के लिए पश्चिम एशिया की स्थिरता क्षेत्रीय देशों के नेतृत्व में ही होनी चाहिए। वहीं राजदूत अल-दैलमी ने इस्लामिक रिपब्लिक द्वारा दिए जा रहे समर्थन के लिए आभार जताया।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है। हूतियों ने दावा किया है कि उन्होंने सऊदी अरब की रास तनूरा तेल रिफाइनरी पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया जिससे वहां आग लग गई। दूसरी तरफ सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि उन्होंने रियाद की ओर आ रही दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका और हूतियों के मिसाइल बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया।
एक अन्य घटनाक्रम में मिस्र की संसद ने राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी को रक्षा प्रयासों में मदद के लिए सऊदी अरब में सैन्य बल तैनात करने का अधिकार दे दिया है। हूती अधिकारियों ने इस फैसले को यमन के खिलाफ युद्ध की घोषणा करार दिया है।
जमीनी हालात की बात करें तो हूती बलों ने दावा किया है कि उन्होंने बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य के पास सऊदी समर्थित सैनिकों की बढ़त को नाकाम कर दिया और कई सैन्य वाहनों को नष्ट कर हताहत किए। इसके अलावा हूती अधिकारियों ने सरकारी बलों पर ताइज के पास एक गैस स्टेशन पर हमले का आरोप लगाया है जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।