Iran Speaker का बड़ा बयान, अमेरिका के F-35 फाइटर जेट्स को किया जा रहा है शिकार।

Aanya18 September 20264 min read37 viewsWorld
Iran Speaker का बड़ा बयान, अमेरिका के F-35 फाइटर जेट्स को किया जा रहा है शिकार।

ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बड़ा सार्वजनिक बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने दावा किया है कि अमेरिकी फाइटर जेट्स को निशाना बनाने और उन्हें मार गिराने का दौर अब आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वह समय अब पूरी तरह से आ चुका है जब अमेरिकी F-35 और F-15 जैसे आधुनिक विमानों को हवा में ही शिकार बनाया जा रहा है और अमेरिका को इन्हें क्षतिग्रस्त घोषित करना पड़ रहा है। उनके अनुसार जो बात पहले केवल एक बड़ा डरावना सपना हुआ करती थी, वह आज के समय में बिल्कुल आम सच्चाई बन चुकी है।

अमेरिकी जनरल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

ईरानी संसद अध्यक्ष की यह तीखी प्रतिक्रिया अमेरिकी ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन General Dan Caine की उस टिप्पणी के बाद सामने आई है जिसमें उन्होंने पहले कहा था कि अमेरिकी सैन्य टुकड़ियों को यह मानकर चलना होगा कि उन्हें स्वायत्त प्रणालियों यानी ऑटोनॉमस सिस्टम्स द्वारा ट्रैक किया जाएगा और उन्हें जाम किया जा सकता है। इस बात का जवाब देते हुए ईरानी नेता ने अपने संदेश के साथ एक ग्राफिक भी शेयर किया है। इस ग्राफिक में उन अमेरिकी विमानों की पूरी डिटेल दी गई है जिन्हें कथित तौर पर एक सैन्य अभियान के दौरान नुकसान पहुंचाया गया या पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम को ईरान की तरफ से एक बड़े सैन्य ऑपरेशन के रूप में देखा जा रहा है।

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तनाव और कैजुअल्टी को लेकर सामने आए आंकड़े

मध्य पूर्व में तनाव लगातार अपनी चरम सीमा पर बना हुआ है। पेंटागन के सामने लगातार ऐसी रिपोर्ट्स आ रही हैं जिनके अनुसार इस संघर्ष के दौरान कम से कम 22 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा पेंटागन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक सार्वजनिक आंकड़े से चार ज्यादा है। इसके अलावा पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल की एक रिपोर्ट से यह बात भी सामने आई है कि ईरानी हमलों की वजह से पश्चिमी एशिया में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर बने सैकड़ों ढांचे या तो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या नष्ट हो चुके हैं। इन हमलों के कारण वहां गोला-बारूद की भारी कमी का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे अमेरिकी सेना की मुश्किलें काफी ज्यादा बढ़ गई हैं।

ड्रोन हमलों और युद्ध अपराध के आरोप

गत 18 सितंबर को हुई अन्य घटनाओं में ईरानी बलों द्वारा अमेरिका के दो MQ-1 मानवरहित ड्रोन विमानों के गिराए जाने की पुष्टि भी की गई है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि वह ईरान के खिलाफ भविष्य में उठाए जाने वाले कदमों को लेकर किसी बड़े फैसले के बहुत करीब हैं। इसके साथ ही अमेरिकी प्रशासन सऊदी अरब को $24.3 बिलियन की लागत से 48 F-35 Lightning II विमान बेचने की बड़ी डील पर भी काम कर रहा है, जो फिलहाल अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी मिलने का इंतजार कर रही है। दूसरी तरफ, संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त एक पैनल ने भी अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया है कि अमेरिका के दो हवाई हमलों में कम से कम 177 नागरिकों की मौत हुई है और ये हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं। हालांकि व्हाइट हाउस ने इन सभी फाइंडिंग्स को सिरे से खारिज करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना बकवास करार दिया है।

फारस की खाड़ी और घरेलू मोर्चे पर स्थिति

हॉर्मोनल जलडमरूमध्य यानी स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज़ में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने टोगो के झंडे वाले एक टैंकर पर हमला करने की पूरी जिम्मेदारी ली है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी दी गई है कि ईरान की तरफ से अमेरिका के एक अनुबंधित जहाज को भी निशाना बनाया गया, जिससे जहाज के कई कर्मचारी घायल हो गए। ईरान के घरेलू मोर्चे की बात करें तो वहां की राजधानी तेहरान में एक बहुत बड़ी रैली का आयोजन किया गया जिसमें अनुमानित 300,000 लोग शामिल हुए। इसके अलावा सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में पिकैक्स माउंटेन परमाणु स्थल से जुड़े सुरंग के रास्तों के पास नई रक्षा प्रणालियों को स्थापित किए जाने के संकेत भी मिले हैं। एक ईरानी परमाणु अधिकारी ने इस बात को फिर से दोहराया है कि मौजूदा सैन्य अभियानों के दौरान देश के पास अपनी रक्षा करने के लिए पर्याप्त विकल्प और ताकत मौजूद है।

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