स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रखने का ईरान का बड़ा ऐलान, अमेरिका के सामने रखी ये शर्तें

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान ने दो टूक शब्दों में यह ऐलान किया है कि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता तब तक बंद रहेगा, जब तक अमेरिका इस्लामाबाद मेमोरेंडम की शर्तों को पूरी तरह से स्वीकार नहीं कर लेता। इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
ईरान की दो टूक और सात शर्तें
ईरान के शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि अब एकतरफा मांगों का दौर पूरी तरह से खत्म हो चुका है और तेहरान हर स्थिति के लिए तैयार है। ईरान ने साफ किया है कि इस जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने के लिए अमेरिका को सात प्रमुख शर्तों को मानना होगा। इन शर्तों में मुख्य रूप से प्रतिबंधों को हटाना, ईरान की जमी हुई संपत्तियों को मुक्त करना, युद्ध की समाप्ति, सैन्य दबाव में कमी, नौकायन पर लगी रोक को हटाना और युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई शामिल हैं।
यह पूरा मामला उस सात सूत्रीय प्रस्ताव से जुड़ा है जिसे विभिन्न मध्यस्थ देशों जैसे पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के जरिए आगे बढ़ाया गया था। हालांकि, जून में हुए समझौतों के बाद भी यह प्रक्रिया आगे चलकर अटक गई थी, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव
दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन ने भी इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। अमेरिकी नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि जलमार्ग पर उनका नियंत्रण अभी भी मजबूत है और नाकाबंदी जारी है। हालिया दिनों में ओमान के तट के पास कुछ जहाजों पर हमलों की घटनाओं ने इस क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस गतिरोध को जल्द ही बातचीत के जरिए नहीं सुलझाया गया, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। फिलहाल, वाशिंगटन और तेहरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है, लेकिन किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना अभी बाकी है।