Oman बैठक में ईरान करेगा नए समुद्री रास्ते पर चर्चा, हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर कही बड़ी बात।

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ओमान की राजधानी मस्कट में गल्फ देशों के विदेश मंत्रियों के साथ एक अहम बैठक करने जा रहे हैं। यह बैठक सोमवार, 14 सितंबर 2026 को तय की गई है जिसमें Strait of Hormuz में एक नए समुद्री गलियारे को स्थापित करने पर विस्तार से बातचीत की जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय देशों को ओमान और ईरान के बीच तकनीकी और कूटनीतिक वार्ताओं के अंतिम परिणामों से अवगत कराना है। अगस्त के आखिर में दोनों देशों के बीच नए आने-जाने वाले रास्तों को लेकर एक फाइनल समझौता हुआ था, जिसे अब क्षेत्रीय मंच पर रखा जा रहा है।
ओमान में साइन होगा नया समझौता
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने शनिवार को यह पुष्टि की है कि मस्कट में इस ज्वॉइंट शिपिंग रूट को लेकर एक औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद इसे International Maritime Organization (IMO) को भी रिपोर्ट किया जाएगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने जानकारी दी है कि इस बैठक में केवल समुद्री रास्ते ही नहीं बल्कि अन्य क्षेत्रीय मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में इराक समेत कई अन्य गल्फ देशों के शामिल होने की पूरी उम्मीद है, जबकि बहरीन ने शनिवार को साफ कर दिया कि वह इस बैठक में हिस्सा नहीं लेगा क्योंकि ईरान के साथ उनके अभी कूटनीतिक संबंध नहीं हैं।
हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान का सख्त रुख
ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ओमान के साथ हुए इस नए समझौते को किसी भी हालत में हॉर्मुज स्ट्रेट के दोबारा खुलने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह जलडमरूमध्य प्रतिबंधित ही रहेगा। तेहरान का यह साफ रुख है कि जब तक अमेरिका प्रतिबंधों को नहीं हटाता, ईरानी संपत्तियों को अनफ्रीज नहीं करता और ईरानी बंदरगाहों पर से नौसेना की नाकाबंदी को खत्म नहीं करता, तब तक यह रास्ता पूरी तरह से बंद ही रहेगा।
नया रूट ईरान के अंदर रहेगा
प्रस्तावित योजना के अनुसार, गल्फ में नया प्रवेश मार्ग पूरी तरह से Iranian territorial waters यानी ईरानी क्षेत्रीय जल सीमा के भीतर ही रहेगा। इसके अलावा, बाहर जाने वाले रास्ते का एक हिस्सा भी ईरानी क्षेत्र से ही होकर गुजरेगा। इस पूरे सिस्टम का संचालन ईरान के प्रशासनिक नियंत्रण में किया जाएगा। योजना के तहत जैसे ही यह नया सिस्टम पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा, वैसे ही मौजूदा दक्षिणी रास्ते को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। गल्फ देशों में सफर करने वाले और व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह एक बहुत बड़ा बदलाव साबित होने वाला है।