होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान ने दोहराया अपना प्रस्ताव, अमेरिका से प्रतिबंध हटाने की रखी शर्त

तेहरान: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान का सात दिनों वाला प्रस्ताव अब भी लागू है। 19 अक्टूबर 2026 को मीडिया से बात करते हुए अराघची ने बताया कि तेहरान इस योजना पर अमेरिका की आधिकारिक टिप्पणियों की समीक्षा कर रहा है, जिसे सितंबर में पेश किया गया था।
इस प्रस्ताव के मुताबिक, ईरान जलमार्ग को तब खोलेगा जब अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी हटाएगा, तेल प्रतिबंधों को खत्म करेगा और क्षेत्रीय दुश्मनी बंद करेगा। विदेश मंत्री ने कहा कि अगर ये शर्तें पूरी होती हैं, तो छठे दिन जलडमरूमध्य खोल दिया जाएगा और सातवें दिन बातचीत शुरू होगी।
अराघची ने अमेरिका और इजरायल द्वारा सैन्य तनाव बढ़ाने के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाजी को चुनौती देते हुए कहा कि ईरान पिछले संघर्षों से और मजबूत होकर निकला है और उसके पास अपने कुछ अधूरे काम बाकी हैं।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर निशाना साधते हुए अराघची ने आरोप लगाया कि वह खुद को जेल जाने से बचाने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नेतन्याहू दोनों देशों की सुरक्षा की अनदेखी कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने 27 अक्टूबर को होने वाले इजरायल चुनाव से पहले नेतन्याहू का समर्थन किया है।
ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका की सैन्य धमकियों और कड़े प्रतिबंधों को एक पुरानी और असफल फिल्म की तरह बताया। उन्होंने जोर दिया कि ईरान आपसी सम्मान के आधार पर बातचीत चाहता है।
राजनयिक गतिविधियों की बात करें तो अराघची ने 18 अक्टूबर को मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलत्ती से क्षेत्रीय तनाव कम करने पर चर्चा की। इससे पहले 17 और 18 अक्टूबर को उन्होंने बगदाद में ओआईसी (OIC) की विदेश मंत्रियों की 52वीं बैठक में भी हिस्सा लिया।
ईरान का रक्षा मंत्रालय मिसाइल, ड्रोन और हवाई रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने की बात कह रहा है, हालांकि अराघची ने कहा कि तेहरान कूटनीतिक बातचीत के लिए तैयार है। इसी बीच, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 20 अक्टूबर को तेहरान पहुंचेंगे, जहां वे संघर्ष रोकने की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
क्षेत्र में हालात काफी तनावपूर्ण हैं। 19 अक्टूबर को यमन के शबवा प्रांत में हुए एक हमले में कम से कम 18 लोग मारे गए। वहीं, पिछले हफ्ते होर्मुज जलडमरूमध्य में 10 वाणिज्यिक जहाजों पर हमले दर्ज किए गए हैं।