हॉर्मुज जलडमरूमध्य विवाद: ईरान का दावा, नियंत्रण हमारे पास, शर्तें पूरी होने तक बंद रहेगा रास्ता
IRGC कमांडर ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है। अमेरिका के साथ तनाव जारी, 23 अमेरिकी सैनिकों की मौत।

तेहरान: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के डिप्टी कमांडर-इन-चीफ मेजर जनरल मोस्तफा इज़ादी ने ऐलान किया है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव ईरान के इरादों को कमजोर नहीं कर पाया है। उन्होंने साफ किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से ईरानी बलों के नियंत्रण में है और जब तक ईरान की शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक यहां ट्रांजिट शुरू नहीं होगा।
30 अक्टूबर 2026 को दिए अपने बयान में इज़ादी ने कहा कि ईरान की सैन्य सफलताएं यहां की जनता और नेतृत्व के लचीलेपन का नतीजा हैं। उन्होंने अमेरिकी और इजरायली हितों के खिलाफ लड़े गए 12 और 40 दिनों के पिछले संघर्षों का हवाला दिया।
इज़ादी के मुताबिक, IRGC की नौसेना और एयरोस्पेस फोर्स के पास बड़ी परिचालन श्रेष्ठता है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं के कारण अमेरिकी सेना को लगभग 700 किलोमीटर पीछे हटना पड़ा है।
समुद्री स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। IRGC ने बताया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी मार्ग से बिना अनुमति गुजरने वाले तीन तेल टैंकर नौसैनिक सुरंगों (माइन्स) की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए और दक्षिणी तट पर फंस गए हैं।
दूसरी ओर, IRGC प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें माइन्स हटाने के अभियान को प्रभावी बताया गया था। मोहेब्बी ने इसे महज प्रचार करार देते हुए मीडिया बयानों के बजाय ठोस सबूत मांगे हैं।
अमेरिकी रक्षा विभाग ने जानकारी दी है कि दो और सैनिकों की मौत हो गई है, जिससे आठ महीने पहले शुरू हुए इस संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 23 हो गई है। हालांकि, CENTCOM का कहना है कि मुख्य ट्रांजिट लेन अभी भी चालू हैं।
राजनयिक स्तर पर बातचीत रुकी हुई है। ईरान ने अमेरिका से संघर्ष खत्म करने, नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और जमी हुई संपत्ति को मुक्त करने की मांग की है।
खबरों के मुताबिक, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कतरी मध्यस्थों के जरिए सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रजाई को बातचीत का प्रस्ताव भेजकर पत्र लिखा है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पहल को चिकित्सा आपूर्ति के लिए एक मानवीय प्रयास बताया है।
ईरानी सेना की नौसेना के रियर एडमिरल जलील मोगदाम ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों के खिलाफ 20 से अधिक ऑपरेशन किए हैं और ड्रोन व मिसाइलों के जरिए अमेरिकी हितों पर 300 हमले किए हैं।
इसी बीच, ईरान समर्थित हूती बलों ने सऊदी अरब के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए छह सैन्य ऑपरेशन चलाए हैं।