तेहरान में आम ईरानी लोगों और कारोबारियों को विदेशी भुगतान में दिक्कत

Gautam Sahu13 October 20262 min read0 viewsWorld
तेहरान में आम ईरानी लोगों और कारोबारियों को विदेशी भुगतान में दिक्कत

तेहरान (ईरान): अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के सख़्त होते जाने से ईरान में आम लोगों और कारोबारियों के लिए विदेश में पैसे भेजना मुश्किल होता जा रहा है। अल जज़ीरा इंग्लिश के रिपोर्टर तौहीद असदी ने 13 अक्टूबर 2026 के एक कार्यक्रम में बताया कि बैंक कार्ड बड़े पैमाने पर ब्लॉक होने के कारण लोग जोखिम भरे ट्रांसफर तरीकों और वैकल्पिक भुगतान प्रणालियों पर ज़्यादा निर्भर हो गए हैं।

यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से गंभीर संकट में है। औद्योगिक परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) लगातार 11 महीनों से 50 से नीचे बना हुआ है, जो उद्योगों में लंबी मंदी का संकेत माना जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक़ ईरान का केंद्रीय बैंक रियाल को स्थिर करने में जूझ रहा है, जिससे महंगाई बेकाबू होती दिख रही है और खुदरा वित्तीय सेवाओं में भी गिरावट आई है।

इसी बीच ईरान के उप विदेश मंत्री (कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामले) काज़िम ग़रीबाबादी ने 12 अक्टूबर 2026 को कहा कि तेहरान प्रस्तावित योजना पर अमेरिकी विचारों का जवाब तैयार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को पहले किए गए अपने वादों पर लौटना होगा।

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अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने दबाव बढ़ाते हुए 5 अक्टूबर 2026 को चेतावनी जारी की। इसमें विदेशी वित्तीय संस्थानों को बताया गया कि उन्हें बिना पहले सूचना दिए प्रतिबंधों का निशाना बनाया जा सकता है। इसके अलावा OFAC ने ईरान से जुड़े अपने FAQ 156 में बदलाव किया है, जिसमें पहले दिया गया वह संकेत हटा दिया गया है कि प्रतिबंधित गतिविधि तय होने से पहले संपर्क किया जाएगा।

ये कदम 24 अगस्त 2026 को शुरू हुए 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' का हिस्सा बताए जा रहे हैं। इसके तहत द्वितीयक प्रतिबंधों का दायरा डिजिटल संपत्ति, सोना और विमानन क्षेत्र तक बढ़ाया गया है। इस कार्रवाई से बैंक मिस्र UAE, गोल्डन ग्लोबल बैंक और VTB बैंक पब्लिक जॉइंट स्टॉक कंपनी जैसी संस्थाएं प्रभावित हुई हैं।

उधर, हिज़्बुल्लाह के एक शीर्ष अधिकारी ने 13 अक्टूबर 2026 को कहा कि ईरानी शासन को अलग-थलग करने की अमेरिकी कोशिशों से समूह के क्षेत्रीय सहयोगियों तक वित्तीय मदद पहुंचाना मुश्किल हो गया है।

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