ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खमेनेई का आदेश, दुश्मन के खतरों पर तत्काल सैन्य कार्रवाई की तैयारी
सर्वोच्च नेता मोजतबा खमेनेई ने सैन्य कमांडरों को बिना भौगोलिक सीमा के दुश्मन के खतरों का तत्काल और प्रभावी जवाब देने का निर्देश दिया है।

तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खमेनेई ने शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को एक सख्त निर्देश जारी किया है। उन्होंने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को आदेश दिया है कि किसी भी संभावित दुश्मन के खतरे के खिलाफ बिना किसी भौगोलिक सीमा के तत्काल और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहें।
IRNA समाचार एजेंसी के अनुसार, यह आदेश उच्च अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान दिया गया। इस बैठक में चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही, ईरानी सेना के कमांडर मेजर जनरल अमीर हातेमी और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर मेजर जनरल अहमद वहाइदी शामिल थे।
नई सुरक्षा रणनीति के तहत सशस्त्र बलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने टारगेट लिस्ट को अपडेट करें। अब इसमें स्ट्राइकिंग रेंज के भीतर आने वाली अमेरिका और इजरायल की सभी भौतिक और अभौतिक संपत्तियां शामिल होंगी।
खमेनेई ने इस बात पर जोर दिया कि यदि विरोधी सैन्य या आतंकवादी हमले शुरू करते हैं, तो संघर्ष को समाप्त करने के समय और शर्तों को तय करने का अधिकार ईरान के पास ही रहेगा। उन्होंने सैन्य खुफिया जानकारी को मजबूत करने, स्वदेशी रक्षा तकनीकों को आगे बढ़ाने और आध्यात्मिक संकल्प को बढ़ाने का भी निर्देश दिया।
बैठक के दौरान सैन्य कमांडरों ने सर्वोच्च नेता को गोला-बारूद और टोही, सहायता एवं युद्ध हथियारों के तेजी से उत्पादन के बारे में जानकारी दी। ईरानी सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरामिनिया ने चेतावनी दी कि अमेरिका का कोई भी नया सैन्य दुस्साहस युद्ध के दायरे को बढ़ा देगा और वाशिंगटन इस संघर्ष के अंत को तय नहीं करेगा।
अगस्त 2026 में सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और मोजतबा खमेनेई के प्रतिनिधि नियुक्त हुए मोहसिन रजाई इन सुरक्षा नीतियों में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। गौरतलब है कि मोजतबा खमेनेई ने मार्च 2026 में अपने पिता अयातुल्ला अली खमेनेई की मृत्यु के बाद सर्वोच्च नेता का पद संभाला था, जिनकी मौत अमेरिकी और इजरायली बलों के हमलों में हुई थी।
क्षेत्रीय तनाव तब और बढ़ गया जब 30 अक्टूबर को लवन द्वीप के पास एक जहाज पर मिसाइल हमला हुआ। ईरान ने यह दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकर समुद्री सुरंगों की चपेट में आए, हालांकि अमेरिका ने इस बात से इनकार किया है।
अमेरिका द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन इकोनॉमिक फ्युरी' प्रतिबंधों के बीच ईरान ने राजनयिक समाधान के लिए दबाव बनाने हेतु होर्मुज जलडमरूमध्य में लिम्पेट माइन्स तैनात करने जैसी रणनीति अपनाई है।
तेहरान में कतरी मध्यस्थ मौजूद हैं और ऐसी खबरें हैं कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत फिर से शुरू करने के लिए मोहसिन रजाई को पत्र भेजा है, लेकिन ईरान की ओर से अभी कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है। इसी बीच, ईरानी संसद के सदस्यों ने परमाणु हथियारों के अप्रसार संधि (NPT) से औपचारिक रूप से हटने का प्रस्ताव रखा है।