ईरान के सर्वोच्च नेता की अमेरिका को चेतावनी, कहा- सैन्य हमलों के होंगे गंभीर नतीजे

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने अमेरिका को सैन्य हमलों के गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है। तनाव के बीच कतर मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है।

Gautam Sahu31 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान के सर्वोच्च नेता की अमेरिका को चेतावनी, कहा- सैन्य हमलों के होंगे गंभीर नतीजे

तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरान पर सैन्य हमले दोबारा शुरू हुए, तो इसके परिणाम बहुत गंभीर होंगे। यह बयान दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और कूटनीतिक खींचतान के बीच आया है।

तनाव तब बढ़ा जब 30 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम द्वीप पर एक मिसाइल लॉन्चर को तबाह कर दिया। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमले शुरू कर दिए और दावा किया कि उसने एक अमेरिकी फाइटर जेट को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

31 अक्टूबर 2026 तक अयातुल्ला खामेनेई ने ईरानी सेना को आदेश दिया कि किसी भी दुश्मन खतरे का तुरंत जवाब दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी संभावित संघर्ष की शर्तें ईरान तय करेगा।

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ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता मोहम्मद अकरामिनिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि IRGC क्षेत्र में अमेरिका की सभी गतिविधियों पर नजर रख रहा है और अपनी युद्ध तैयारी को मजबूत कर रहा है।

दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने 30 अक्टूबर को राष्ट्रपति ट्रंप को संभावित हमलों के विकल्पों के बारे में ब्रीफिंग दी थी। इसके बाद कूटनीतिक कोशिशें तेज हुई हैं और 31 अक्टूबर को एक कतरी प्रतिनिधिमंडल तनाव कम करने के लिए तेहरान पहुंचा।

प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान को अपने संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करने या किसी तीसरे देश को स्थानांतरित करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही, समझौते के सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय यातायात के लिए फिर से खोलने की बात कही गई है। इस मसौदे में दोहा में सीधी बातचीत का प्रस्ताव है, जिसमें चीन गारंटर की भूमिका निभा सकता है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कतरी दूतों के जरिए ईरानी सुरक्षा अधिकारी मोहसिन रजाई को एक पत्र भेजा है, जिसमें अमेरिकी हमलों को रोकने के लिए राजनयिक रास्ता अपनाने की पेशकश की गई है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्हें इस संघर्ष को खत्म करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। ट्रंप के मुताबिक समय अमेरिका के पक्ष में है और ईरान अपनी सेना और पुलिस को वेतन देने जैसी आंतरिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।

ईरान ने यूरोपीय देशों को भी चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने अमेरिका या इजरायल को अपनी सैन्य सुविधाएं उपलब्ध कराईं, तो वे भी निशाने पर होंगे। 29 अक्टूबर को अयातुल्ला खामेनेई ने 'न युद्ध, न शांति' की स्थिति को खत्म करने का आह्वान किया था। उन्होंने समाधान के लिए ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाने और तेल निर्यात प्रतिबंधों को खत्म करने की शर्त रखी है।

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