अमेरिकी चुनाव से पहले ईरान ने मतदाताओं को साधा निशाना, महंगाई और बढ़ते पेट्रोल दामों को युद्ध से जोड़ा

तेहरान: अमेरिका में मध्यावधि चुनावों के करीब आते ही ईरान और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने वहां की जनता के लिए एक सीधा संदेश अभियान शुरू किया है। ईरान का दावा है कि अमेरिका में बढ़ती महंगाई और घरेलू आर्थिक परेशानियां चल रहे सैन्य संघर्ष का नतीजा हैं।
ईरानी नेतृत्व ने अमेरिकी गैस की कीमतों में आई तेजी का जिक्र किया है, जो पिछले 160 दिनों से 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर बनी हुई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, संघर्ष शुरू होने के बाद से अमेरिकी परिवारों ने सामान और सेवाओं पर 4,700 डॉलर अतिरिक्त खर्च किए हैं, जिसमें ईंधन पर 856 डॉलर शामिल हैं। डीजल की कीमतों में भी 70 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है।
IRGC के प्रवक्ता जनरल हुसैन मोहेब्बी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वॉशिंगटन को अपनी हार माननी चाहिए और दुश्मनी खत्म करने के लिए पीछे हटना चाहिए। IRGC ने अमेरिकियों से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्य पूर्व नीतियों का विरोध करने की अपील की है और नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे इजरायली हितों के लिए 'तोप का चारा' न बनें।
सैन्य प्रवक्ता मोहम्मद अकरामिनिया ने दावा किया कि अगर अमेरिका वहां से हट जाता है, तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था स्थिर होगी। 15 अक्टूबर को एक ईरानी नौसेना अधिकारी ने कहा कि तेहरान का इस जलमार्ग पर पूरा नियंत्रण है और इसकी बंदी की वजह से अमेरिका में गैस की कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि नियंत्रण अमेरिका और उसके सहयोगियों के पास है।
ईरान के भीतर इस मुद्दे पर राजनीतिक मतभेद भी दिख रहे हैं। तेहरान के पूर्व मेयर गुलामहुसैन करबाची ने सरकारी टेलीविजन पर कहा कि ईरान का नुकसान वॉशिंगटन को हुए नुकसान से कहीं ज्यादा है और उन्होंने बातचीत के जरिए संघर्ष खत्म करने की मांग की। दूसरी तरफ, मेजर जनरल मुस्तफा इजादी और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रज़ई ने अमेरिकी डेटा सेंटरों और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों सहित तनाव बढ़ाने की धमकी दी है।
राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इन 'आक्रामक युद्धों' के कारण हुए पर्यावरणीय विनाश की निंदा की है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि मध्यावधि चुनाव युद्ध के प्रति उनके नजरिए को प्रभावित नहीं करेंगे। ट्रंप का कहना है कि संघर्ष खत्म होने के बाद तेल की कीमतों में भारी गिरावट आएगी।
सर्वेक्षणों के अनुसार 81 से 86 प्रतिशत अमेरिकी अपनी बढ़ती महंगाई को युद्ध से जोड़कर देख रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अमेरिकी प्रशासन ने नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। तनाव के बीच अरब सागर में दो अमेरिकी विमानवाहक पोत तैनात हैं। 15 अक्टूबर को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक प्रोजेक्टाइल हमले में सिंगापुर के झंडे वाला एक कंटेनर जहाज डूब गया।