तेहरान में Shahed ड्रोन की परेड: बढ़ते तनाव और प्रतिबंधों के बीच ईरान का शक्ति प्रदर्शन

तेहरान की सड़कों पर भारी भीड़ और लहराते राष्ट्रीय झंडों के बीच, ईरानी सेना ने अपने दो Shahed ड्रोन का भव्य प्रदर्शन किया। यह सैन्य परेड ऐसे समय में आयोजित की गई है जब ईरान को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है।
सैन्य शक्ति का प्रदर्शन और बढ़ता तनाव
इस परेड का मुख्य आकर्षण ईरान द्वारा स्वदेशी रूप से निर्मित Shahed ड्रोन रहे। ये कम लागत वाले मानवरहित हवाई वाहन (UAVs) आधुनिक युद्ध रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इन ड्रोनों का उपयोग दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को थकाने और उन्हें भारी नुकसान पहुँचाने के लिए करता है।
अमेरिका के नए प्रतिबंधों का साया
ईरान के इस शक्ति प्रदर्शन के ठीक पहले, संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के रक्षा उद्योग को निशाना बनाते हुए कड़े कदम उठाए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हाल ही में 10 व्यक्तियों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इनमें HESA (Iran Aircraft Manufacturing Industrial Company) भी शामिल है, जो Shahed ड्रोन बनाने के लिए जिम्मेदार प्रमुख सरकारी संस्थान है। अमेरिका का उद्देश्य इन प्रतिबंधों के जरिए हथियारों के प्रसार को रोकना है।
वैश्विक संघर्षों में Shahed ड्रोन की भूमिका
Shahed ड्रोन की चर्चा केवल ईरान तक सीमित नहीं है, बल्कि इनका उपयोग वैश्विक संघर्षों में भी देखा गया है:
- यूक्रेन युद्ध: रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अपने युद्ध में इन ईरानी ड्रोनों का व्यापक स्तर पर उपयोग किया है।
- इराक में हमले: हाल ही में ईरानी बलों ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में विपक्षी समूहों के खिलाफ Shahed-136 जैसे ड्रोनों और बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है।
रणनीतिक महत्व और लागत
सैन्य विश्लेषकों के अनुसार, इन ड्रोनों की सबसे बड़ी ताकत इनकी कम कीमत है। एक Shahed ड्रोन की लागत लगभग $20,000 से $50,000 के बीच होती है। इतने कम खर्च में, ईरान इनका उपयोग दुश्मन के महंगे एयर डिफेंस सिस्टम, जैसे कि अमेरिकी-निर्मित THAAD मिसाइल प्रणाली, पर दबाव बनाने के लिए करता है।