अमेरिका और इजरायल को ईरान की चेतावनी, कहा- जरूरत पड़ी तो इस्तेमाल करेंगे नए हथियार

ईरान ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि वह किसी भी हमले का जवाब नए हथियारों और क्षमताओं से देगा।

Gautam Sahu31 October 20262 min read0 viewsWorld
अमेरिका और इजरायल को ईरान की चेतावनी, कहा- जरूरत पड़ी तो इस्तेमाल करेंगे नए हथियार

तेहरान: अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने ऐलान किया है कि किसी भी संभावित हमले का जवाब देने के लिए देश नए हथियारों और नई क्षमताओं को तैनात करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

रजाई ने साफ किया कि ईरान ने अभी तक अपने पूरे शस्त्रागार का इस्तेमाल नहीं किया है। उन्होंने बताया कि संघर्ष की तीव्रता के आधार पर सैन्य प्रतिक्रिया को बढ़ाने की क्षमता ईरान के पास मौजूद है।

राजनयिक मोर्चों पर बात करते हुए रजाई ने खुलासा किया कि उन्हें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक पत्र मिला है, जिसमें शांति वार्ता का प्रस्ताव दिया गया है। उन्होंने इस पत्र के लहजे को पिछले प्रयासों के मुकाबले एक बहुत अच्छा संकेत बताया, हालांकि उन्होंने अभी तक इसका कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया है।

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परमाणु नीति पर रजाई ने स्पष्ट किया कि फिलहाल परमाणु सिद्धांत को बदलने का कोई फैसला नहीं लिया गया है। यह नीति सामूहिक विनाश के हथियारों के खिलाफ एक धार्मिक फतवे से निर्देशित है। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि सरकार इस बात पर चर्चा कर रही है कि अगर शत्रुता जारी रहती है, तो क्या यह रुख बरकरार रखना संभव होगा।

दूसरी तरफ, सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने ईरानी सशस्त्र बलों को संभावित संघर्ष के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने टारगेट लिस्ट को अपडेट करने का आदेश देते हुए कहा है कि इसमें अमेरिका और इजरायल की सभी भौतिक और अभौतिक संपत्तियों को शामिल किया जाए। खामेनेई के मुताबिक, कोई भी जवाबी कार्रवाई तत्काल होगी और इसकी कोई भौगोलिक सीमा नहीं होगी।

सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजरायल ने नया हमला किया, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्र में फैल जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अपनी सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए हथियारों को अपग्रेड किया है और नए हथियारों का परीक्षण भी किया है।

विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक प्रस्ताव का जिक्र किया है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दो दिनों के भीतर पूरी तरह खोला जा सकता है। यह शर्त इस बात पर टिकी है कि अमेरिका प्रतिबंध हटाए और क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करे।

युद्ध को टालने के लिए कतर के नेतृत्व में मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं, जिसके लिए दोहा या इस्तांबुल को राजनयिक स्थलों के रूप में देखा जा रहा है। यह सब उस समय हो रहा है जब 3 नवंबर 2026 को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले माहौल तनावपूर्ण है और हाल ही में केशम द्वीप के पास ड्रोन हमले की खबरें आई हैं।

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