अमेरिका शर्तें माने तभी खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरानी विदेश मंत्री ने वाशिंगटन को अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने की चेतावनी दी

Gautam Sahu21 October 20262 min read0 viewsWorld
अमेरिका शर्तें माने तभी खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरानी विदेश मंत्री ने वाशिंगटन को अपनी प्रतिबद्धताएं पूरी करने की चेतावनी दी

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य समुद्री यातायात के लिए तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका तेहरान की शर्तों को स्वीकार नहीं करता और अपनी राजनयिक प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करता। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापक बातचीत से पहले वाशिंगटन को पहले से हस्ताक्षरित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन (MoU) की शर्तों का पालन करना होगा।

इराक के अल-इखबरिया नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उनका रुख बिल्कुल स्पष्ट है। उन्होंने बताया कि जहाजों और नावों के लिए इस रास्ते को खोलने के लिए अमेरिकी पक्ष को उनकी शर्तें माननी होंगी। जब तक ऐसा कोई समझौता नहीं हो जाता, तब तक यह जलमार्ग बंद रहेगा और यहां से गुजरने वाले जहाजों को समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।

विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि जब तक वाशिंगटन अपने पुराने वादों को पूरा नहीं करता, तब तक तेहरान अन्य मुद्दों पर नई बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन में शामिल सभी प्रतिबद्धताओं का पालन करे, उसके बाद ही दूसरे मामलों पर चर्चा की जा सकती है।

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राजनयिक प्रयासों पर बात करते हुए अराघची ने बताया कि पाकिस्तान और कतर जैसे क्षेत्रीय मध्यस्थों के जरिए वाशिंगटन के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है। उन्होंने 'सेवन-डे प्लान' नामक एक प्रस्ताव का जिक्र किया, जिसमें जलमार्ग को फिर से खोलने की समयसीमा तय की गई थी। उनके मुताबिक, इस योजना के छठे दिन होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया जाना था।

अराघची ने कहा कि अमेरिका ने इस पर सहमति का संकेत तो दिया, लेकिन वह उन विषयों पर अतिरिक्त शर्तें जोड़ना चाहता था जिन पर पहले ही बात हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि बातचीत के अंतिम चरण में दोनों पक्ष किसी भी समस्या पर चर्चा कर अंतिम समझौते पर पहुंच सकते हैं।

अमेरिकी आर्थिक और सैन्य दबाव को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि ईरान को अलग-थलग करने या दबाव डालकर आत्मसमर्पण कराने की कोशिशें नाकाम रहेंगी। अराघची ने चेतावनी दी कि ईरान न तो आर्थिक प्रतिबंधों के आगे झुकेगा और न ही सैन्य धमकियों के। उनके अनुसार, इसका एकमात्र सही समाधान कूटनीति और बातचीत है।

जलमार्ग के कानूनी ढांचे पर उन्होंने दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से क्षेत्रीय जल क्षेत्र में आता है। उन्होंने कहा कि यह ईरान और ओमान के आंतरिक जल क्षेत्र में है और इसका अंतरराष्ट्रीय जल से कोई संबंध नहीं है। अराघची ने बताया कि ईरान और ओमान ने जहाजों के गुजरने के लिए एक रास्ते पर सहमति जताई है और अब इसके अंतरराष्ट्रीय पंजीकरण का इंतजार है।

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