ईरान की धमकी: नए युद्ध में डेटा सेंटर, AI और समुद्री केबल निशाने पर

तेहरान: ईरान की ओर से एक ऐसी चेतावनी सामने आई है जिसका असर सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगा। ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि अगर अमेरिका और इज़राइल फिर से सैन्य टकराव शुरू करते हैं, तो तेहरान संयुक्त अरब अमीरात पर सीधा हमला कर सकता है और पूरे क्षेत्र के समुद्री इंटरनेट केबल, डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुविधाओं को निशाना बना सकता है। यानी ईरान की धमकी डिजिटल दुनिया की रीढ़ तक पहुंच गई है।
सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेज़ाई ने कहा कि नए युद्ध की स्थिति में क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को एक व्यापक जवाबी योजना के तहत नष्ट किया जाएगा। उन्होंने खास तौर पर डेटा सेंटर, AI सुविधाओं और समुद्री केबलों का नाम लिया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूएई और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में मौजूद अमेरिकी संपत्तियां बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन फिलहाल वे ईरान की तत्काल सूची में नहीं हैं।
रेज़ाई के अनुसार, इस पूरे इलाके में केबल, डेटा सेंटर और AI सुविधाओं की कुल कीमत 2 लाख करोड़ डॉलर से भी ज़्यादा है। इसी आंकड़े ने इस चेतावनी को और गंभीर बना दिया है, क्योंकि खाड़ी देशों की डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से इन्हीं ढांचों पर टिक रही है।
अमेरिकी टेक कंपनियां सीधे निशाने पर
इस बयानबाजी के बाद अमेरिका की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर भी नज़र टिक गई है। इनमें अमेज़न, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, ओरेकल और एनवीडिया के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, बहरीन और यूएई में AWS की सुविधाओं को पहले ही नुकसान पहुंच चुका है।
सबसे अहम बात यह है कि ईरान की