अमेरिका को ईरान की खुली चेतावनी, बेस पर होगा जोरदार हमला और बढ़ जाएगी टेंशन.

तेहरान और वाशिंगटन के बीच तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान की तरफ से अमेरिका को बहुत कड़ी चेतावनी दी गई है। ईरान के केंद्रीय सैन्य कमांड Khatam al-Anbiya Central Headquarters ने साफ कह दिया है कि अगर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ दोबारा कोई भी सैन्य कार्रवाई की, तो पूरे पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और हितों को बहुत भारी नुकसान पहुंचाया जाएगा। ईरान का कहना है कि यह हमले लगातार, बेहद असरदार और बहुत ज्यादा दर्दनाक होंगे। सरकारी मीडिया IRNA के जरिए इस बात की जानकारी सामने आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में खलबली मच गई है।
क्षेत्रीय देशों को भी दी गई चेतावनी
ईरान के इस सैन्य कमांड ने केवल अमेरिका को ही नहीं बल्कि क्षेत्रीय देशों को भी साफ शब्दों में आगाह किया है। ईरान ने कहा है कि जो भी देश अमेरिका की सैन्य कार्रवाई में उसका साथ देंगे, उन्हें भी इस संघर्ष में शामिल ही माना जाएगा। ऐसे देशों के खिलाफ भी ईरानी बल किसी तरह की नरमी नहीं बरतेंगे। यह पूरा मामला तब और गरमा गया जब अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी कर रखी है। अमेरिका का यह शिकंजा कसने के बाद से ही दोनों देशों के बीच हालात लगातार बिगड़ते चले जा रहे हैं।
यूएस सेंट्रल कमांड का बड़ा कदम
उधर US Central Command (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि उसने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी को पूरी तरह लागू करने के लिए अब तक 109 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया है। अमेरिकी नौसेना के जहाज USS John Paul Jones (DDG 53) पर तैनात नाविकों ने इस पूरी स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है। अमेरिका ने यह नाकाबंदी समुद्री यातायात को नियंत्रित करने के लिए July 14 को फिर से शुरू की थी। इस वजह से दुनिया के सबसे अहम एनर्जी कॉरिडोर्स में से एक माने जाने वाले Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता काफी ज्यादा बढ़ गई है। हालांकि CENTCOM का यह भी कहना है कि जो जहाज नियमों का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं, उन्हें सुरक्षित निकलने की पूरी छूट दी जा रही है।
डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी अधिकारियों के बयान
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि उनका देश ईरान को लेकर किसी बहुत बड़े फैसले के करीब पहुंच रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने अपना रास्ता नहीं बदला तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके साथ ही ट्रम्प ने यह भी संकेत दिए कि न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान वह ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से मिलने के लिए तैयार हो सकते हैं। दूसरी तरफ ईरान के सुरक्षा प्रमुख Mohsen Rezaei ने बताया कि तेहरान ने कतर की मध्यस्थता के जरिए संघर्ष को खत्म करने की कुछ शर्तें सामने रखी हैं। इन शर्तों में दुश्मनी को पूरी तरह रोकना, ईरान के जमे हुए फंड को जारी करना और नौसेना की नाकाबंदी को हटाना शामिल है। सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद इस इलाके में अस्थिरता और ज्यादा फैल गई है, जिसके चलते अमेरिका ने पश्चिम एशिया में रहने वाले अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनी भी जारी कर दी है।