ईरान की धमकी: खाड़ी में अमेरिकी डेटा सेंटर और केबल निशाने पर

तेहरान: ईरान के सुरक्षा प्रमुख और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेज़ाई ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुविधाओं और संचार केबलों पर हमला करने की सीधी धमकी दी है। यह चेतावनी सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सरकारी मीडिया संस्था प्रेस टीवी के हवाले से सामने आई। ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव के बीच यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता अब भी पूरी तरह खुला नहीं है।
रेज़ाई का कहना है कि ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए एक प्रस्ताव रखा था, लेकिन वॉशिंगटन का जवाब पर्याप्त नहीं था। उन्होंने माना कि अमेरिका ने होर्मुज जलसंधि को दोबारा खोलने के लिए ईरान की सात शर्तों में से कुछ को स्वीकार किया है, मगर कई अहम मुद्दों पर अब भी सहमति नहीं बनी है। पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर रह चुके रेज़ाई ने यह भी कहा कि ईरान पहले के कूटनीतिक नियमों का पालन नहीं करेगा और अपनी "वैध" मांगें पूरी होने तक विरोध जारी रखेगा।
खाड़ी में अमेरिकी संपत्ति पर सबसे बड़ा दांव
रेज़ाई ने संयुक्त अरब अमीरात और होर्मुज जलसंधि के इलाके में मौजूद अमेरिकी संपत्तियों को इस पूरे क्षेत्र में अमेरिकी अर्थव्यवस्था की धड़कन बताया। उनके अनुसार इन संपत्तियों की कीमत 2 ट्रिलियन डॉलर से भी ज्यादा है। उनकी चेतावनी साफ है कि अगर युद्ध फिर शुरू हुआ या और तेज हुआ, तो ये संपत्तियां तबाह कर दी जाएंगी। उन्होंने यह भी दोहराया कि ईरान के पास अभी इस्तेमाल न किए गए सैन्य संसाधन हैं और अगर अमेरिका ने और हमले किए, तो ईरान बड़े टकराव के लिए तैयार है।
इसी बीच ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड की नौसेना ने एलान किया है कि होर्मुज जलसंधि से गुजरने वाला जो भी जहाज अपने नेविगेशन और पहचान सिस्टम बंद रखेगा, उसे "दुश्मन" लक्ष्य माना जाएगा। रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान का प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद