ईरान की सेना और सरकार ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी है कि किसी भी गलती पर अब तक से ज्यादा विनाशकारी जवाब मिलेगा

तेहरान: ईरान के सैन्य और सरकारी नेतृत्व ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपनी धमकियों को और तेज कर दिया है। ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अब्दुल्लाही ने कहा कि उनका देश अमेरिका और इजरायल के नेताओं के बेवकूफी भरे फैसलों का इंतजार कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई नई गलती हुई, तो ईरान का जवाब पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा सख्त और अलग होगा।
मेजर जनरल अब्दुल्लाही के मुताबिक, आने वाले जवाबी हमले ऐसे होंगे जिन्हें रोकना नामुमकिन होगा और वे पिछली मुठभेड़ों की तुलना में कहीं अधिक विनाशकारी होंगे। इसी बीच, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रज़ई ने ऐलान किया है कि सशस्त्र बलों ने एक और भी घातक ऑपरेशन प्लान तैयार कर लिया है।
रज़ई ने अपने एक्स (X) अकाउंट पर जानकारी दी कि यह नई रणनीति पुराने नियमों से अलग होगी। उनके कार्यालय द्वारा पहले दी गई चेतावनियों में समुद्र के नीचे बिछी संचार केबलों, डेटा सेंटरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सुविधाओं पर हमलों के संकेत दिए गए थे।
ईरानी संसद द्वारा 18 अक्टूबर को नियुक्त किए गए नए रक्षा मंत्री मेहरदाद अखलागी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे तौर पर चेतावनी दी है। अखलागी ने कहा कि किसी भी सैन्य हमले की स्थिति में अमेरिका को भारी जनहानि उठानी होगी और मध्य पूर्व में उसके हितों और सहयोगियों को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचेगा। अखलागी की नियुक्ति उनके पूर्ववर्ती रक्षा मंत्री की मौत के बाद हुई है, जिनकी जान संघर्ष के शुरुआती दिनों में गई थी।
राजनयिक मोर्चे पर विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बताया कि अमेरिका के पास अभी भी सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने का प्रस्ताव खुला है। वहीं, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालिबफ ने सोशल मीडिया के जरिए क्षेत्रीय निवेशकों और सरकारों को चेतावनी दी है कि वे सैन्य अभियानों से जुड़ी एआई कंपनियों का समर्थन न करें। गालिबफ ने 'पर्शियन गल्फ डेटा अथॉरिटी' की स्थापना की बात भी कही।
यह तनाव अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद बढ़ा है, जिसमें उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान ने अपना रास्ता नहीं बदला, तो वाशिंगटन जल्द ही इस काम को खत्म कर सकता है। दूसरी तरफ, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दोहराया कि इजरायल ईरान के खिलाफ स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने के लिए तैयार है और उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप का समर्थन प्राप्त है।