ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि हमले की स्थिति में क्षेत्र के नौ सहयोगी देशों को निशाना बनाया जाएगा

तेहरान: ईरान के सुप्रीम लीडर मो जतबा खमनेई के सलाहकार मोहम्मद मोखबेर ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को कहा कि अगर वाशिंगटन ने ईरानी सैन्य ठिकानों या पेट्रोकेमिकल सुविधाओं पर नए हमले किए, तो तेहरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के नौ सहयोगी देशों पर जवाबी हमला करेगा।
तस्नीम समाचार एजेंसी द्वारा जारी बयान में मोखबेर ने कहा कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का नतीजा इन नौ देशों के ठिकानों पर हमले के रूप में निकलेगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान को एयरपोर्ट सेवाओं या उड़ान भरने से रोका गया, तो क्षेत्र के किसी भी देश को ऐसी सुविधाएं बनाए रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यह तनाव उस समय बढ़ा है जब 18 अक्टूबर 2026 को दक्षिणी होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर नेवल माइन से टकराकर फट गया। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बताया कि जहाज ने अपने नेविगेशन और पहचान सिस्टम बंद कर दिए थे और चेतावनी दी कि अन्य जहाजों द्वारा ऐसा करने पर गंभीर परिणाम होंगे।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को सैन्य आक्रामकता न दोहराने की सलाह दी है। वहीं, सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका और इजरायल को चेतावनी दी कि भविष्य के किसी भी हमले का जवाब पिछले जवाबी हमलों से कहीं अधिक भीषण होगा।
मोखबेर ने संघर्ष की आर्थिक और राजनीतिक कीमत का जिक्र करते हुए दावा किया कि 70 प्रतिशत अमेरिकी जनता युद्ध के खिलाफ है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता में गिरावट आई है। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बेंजामिन नेतन्याहू के पुनर्चुनाव का समर्थन किया और कहा कि ईरान की बयानबाजी अब कार्रवाई में बदल सकती है।
पश्चिम एशिया में अमेरिकी दूतावासों ने ईरान और हूती बलों से संभावित खतरों को लेकर सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इसी बीच यमन के लहज प्रांत में अल-अलम सैन्य शिविर पर हूती बलों ने बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया, जिसमें कम से कम 53 सैनिकों की मौत हो गई और 200 रिक्रूट घायल हो गए।