होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सैन्य सुरक्षा जारी रहने पर ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले की दी चेतावनी
ईरान के IRGC ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को सैन्य सुरक्षा दी गई, तो अमेरिकी ठिकानों पर हमले होंगे।

तेहरान: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है कि अगर उसने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सैन्य सुरक्षा देना जारी रखा, तो ईरान इस क्षेत्रीय संघर्ष को अमेरिकी सैन्य ठिकानों तक बढ़ा देगा। सेपाह न्यूज पोर्टल के जरिए जारी इस चेतावनी में कहा गया है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे में अमेरिका की उकसावे वाली कार्रवाई के जवाब में ईरान व्यापक सैन्य प्रतिक्रिया देगा।
IRGC ने बताया कि बुधवार को उत्तरी फारस की खाड़ी में अवैध तेल ट्रांसफर में शामिल चार जहाजों पर हमला किया गया, जिससे उनमें आग लग गई। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से तीन और जहाज ठप हो गए हैं। ईरान का दावा है कि इनमें से कई जहाज या तो अमेरिकी स्वामित्व वाले थे या अमेरिकी कंपनियों का माल ले जा रहे थे। तेहरान का आरोप है कि वाशिंगटन जानबूझकर व्यावसायिक जहाजों को उन रास्तों से भेज रहा है जहां बारूदी सुरंगें बिछी हुई हैं।
ईरान ने अपनी नई आक्रामक रणनीति के तहत 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की 70वीं लहर शुरू करने की घोषणा की है। इस ऑपरेशन में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन सिस्टम का इस्तेमाल कर पांच अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इनमें अल-खारज, अल-धफरा, अली अल-सलेम, एरबिल और अमेरिकी पांचवां बेड़ा शामिल है। IRGC ने कहा है कि वह अपनी संप्रभुता को मिलने वाली किसी भी धमकी का जवाब और अधिक ताकत से देगा, जिसमें कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों के हाइफा और तेल अवीव पर संभावित हमले भी शामिल हो सकते हैं।
इन घटनाक्रमों के बाद अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व के कई चौकियों से अपनी मौजूदगी कम करना शुरू कर दिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में तैनात राजनयिकों और उनके परिवारों को मिशन से बाहर निकलने का आदेश दिया है। अन्य क्षेत्रीय चौकियों से भी परिवार के सदस्यों को निकालने की योजना है, क्योंकि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से खतरा बढ़ गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय ईरान के खिलाफ एक नए संभावित हमले के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आगामी इजरायली चुनावों में ईरानी हस्तक्षेप के खिलाफ चेतावनी देते हुए सैन्य जवाबी कार्रवाई की बात कही है। दूसरी ओर, ईरान क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए चीन के साथ अपने रणनीतिक गठबंधन को और मजबूत कर रहा है।