ईरान की खाड़ी देशों को चेतावनी: अमेरिकी हमलों के लिए अपनी जमीन न दें

ईरान ने खाड़ी देशों से अपनी जमीन पर अमेरिकी सैन्य हमलों को रोकने की मांग की है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भरोसा बनाने के लिए आपसी प्रयास जरूरी हैं।

Gautam Sahu2 November 20262 min read0 viewsWorld
ईरान की खाड़ी देशों को चेतावनी: अमेरिकी हमलों के लिए अपनी जमीन न दें

तेहरान: ईरान ने अपने खाड़ी पड़ोसियों को चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिकी सैन्य हमलों के लिए न होने दें। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने कहा कि क्षेत्र में विश्वास की कमी के लिए वे देश जिम्मेदार हैं जो अपनी सीमाओं को आक्रामक सैन्य गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देते हैं।

यूएई के राष्ट्रपति के एक सलाहकार द्वारा विश्वास टूटने के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए बगाए ने कहा कि ईरान ने राजनयिक भरोसे को नुकसान पहुंचाने की कोई कोशिश नहीं की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने विश्वास को नष्ट या विकृत नहीं किया है और अगर अन्य देश पिछले गलत तरीकों को छोड़ने का फैसला करते हैं, तो स्थिति बदल सकती है।

बगाए ने पिछले आठ महीनों के तनाव को खाड़ी देशों द्वारा अमेरिकी सेना को अपनी जमीन से काम करने देने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि ईरान को अपने संप्रभु क्षेत्र की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। प्रवक्ता के मुताबिक, कुछ देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान की संप्रभुता और लोगों पर हमला करने के लिए किया जा रहा है, जिस पर ईरान चुप नहीं रह सकता।

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उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र के कुछ देशों ने अमेरिकी सैन्य उपस्थिति पर अत्यधिक भरोसा किया। बगाए ने कहा कि दुर्भाग्य से इन देशों ने न केवल अमेरिका को ईरान पर हमला करने से नहीं रोका, बल्कि इसे प्रोत्साहित भी किया।

सैन्य अड्डों पर सख्त रुख के बावजूद प्रवक्ता ने कहा कि ईरान की नीति शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और आपसी सुरक्षा पर आधारित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विश्वास बनाने के लिए आपसी कार्रवाई और लामबंदी की जरूरत है। ईरान का किसी भी क्षेत्रीय देश के साथ कोई बैर नहीं है और स्थायी सुरक्षा के लिए आपसी सहयोग जरूरी है।

अमेरिका के विरोधाभासी बयानों पर बात करते हुए बगाए ने कहा कि तेहरान किसी भी 'धोखे के ऑपरेशन' का शिकार नहीं होगा। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रूबियो की सख्त बयानबाजी और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नरम राजनयिक संदेशों के बीच के अंतर का जिक्र किया।

ईरान ने कहा कि वह अमेरिकी पक्षों के साथ अपने पिछले अनुभवों के आधार पर अत्यधिक सावधानी बरत रहा है। बगाए ने याद दिलाया कि जून 13 को सैन्य हमले से महज आधा घंटा पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा था कि बातचीत जारी है। उन्होंने 2015 और 2018 के अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि ईरान अब इन सभी बातों को ध्यान में रख रहा है।

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