ईरान ने इराक से अमेरिकी पाबंदियां हटाने की अपील की

मध्य पूर्व के आसमान में इन दिनों उथल-पुथल मची हुई है। हाल ही में ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पड़ोसी देश इराक से आग्रह किया है कि वह दोनों देशों के बीच हवाई यात्रा को पूरी तरह सामान्य बनाए। ईरान चाहता है कि इराक उन सभी उड़ान प्रतिबंधों को तुरंत हटा ले जो हाल ही में अमेरिकी नीतियों के प्रभाव में आकर लागू किए गए थे। इस स्थिति के कारण दोनों देशों के बीच आवागमन करने वाले आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों और तीर्थयात्रियों की बढ़ रही मुश्किलें
हवाई सेवाओं में इस अचानक आए व्यवधान से सैकड़ों-हजारों यात्रियों का जीवन प्रभावित हुआ है। इनमें वे धार्मिक तीर्थयात्री शामिल हैं जो दोनों देशों के पवित्र स्थलों की यात्रा करते हैं, साथ ही इलाज के लिए जाने वाले मरीज, छात्र और कारोबारी भी शामिल हैं। ईरान के दूतावास ने बगदाद में इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिकी प्रतिबंधों को अवैध और अनुचित करार दिया है। ईरानी अधिकारियों का मानना है कि इराक को अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता का परिचय देते हुए ऐसे फैसलों से पार पाना चाहिए जो दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को प्रभावित करते हैं।
द्वितीयक प्रतिबंधों का डर और जमीनी हकीकत
यह पूरा विवाद तब गहराया जब इराकी हवाई अड्डों पर विदेशी ग्राउंड-हैंडलिंग कंपनियों ने ईरानी विमानों को सेवाएं देने से इनकार कर दिया। इन कंपनियों को अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से बाहर किए जाने और द्वितीयक प्रतिबंधों की चपेट में आने का डर सता रहा है। हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग से एक विशेष छूट मिलने के बाद नजफ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाएं आंशिक रूप से बहाल हो चुकी हैं, लेकिन बगदाद, एरबिल और सुलेमानियाह जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर अब भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
भविष्य को लेकर उम्मीदें
इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी इस संकट को सुलझाने और सीमित छूट प्राप्त करने के प्रयासों में जुटे रहे हैं। इसके बावजूद, ईरानी विदेश मंत्रालय का साफ कहना है कि परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह स्वतंत्र और जिम्मेदार तरीके से संचालित किया जाना चाहिए। इराकी एयरवेज ने भी उम्मीद जताई है कि अक्टूबर के महीने में हालात सुधरने पर उड़ानों का संचालन पूरी तरह पटरी पर लौट आएगा, बशर्ते प्रतिबंधों के दायरे से बाहर निकलने के नए रास्ते तलाश लिए जाएं।