ईरान ने कतर से राजनयिक मध्यस्थता के दौरान सार्वजनिक बयानों में सावधानी बरतने की अपील की

ईरान के विदेश मंत्रालय ने कतर को सार्वजनिक बयानों में संयम बरतने की चेतावनी दी है। क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्यस्थता पर दोनों देशों में तनाव बढ़ा है।

Gautam Sahu28 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान ने कतर से राजनयिक मध्यस्थता के दौरान सार्वजनिक बयानों में सावधानी बरतने की अपील की

तेहरान: ईरान के विदेश मंत्रालय ने कतर से अपील की है कि वह राजनयिक मध्यस्थता के प्रयासों के दौरान अपने सार्वजनिक मीडिया बयानों में अधिक सावधानी बरते। ईरान ने कतर से अपनी मध्यस्थ भूमिका निभाते हुए संयम दिखाने को कहा है।

यह मामला तब सामने आया जब कतर के विदेश मंत्रालय के मीडिया और संचार विभाग के निदेशक इब्राहिम बिन सुल्तान अल हाशमी ने एक बयान दिया। उन्होंने संकेत दिया कि क्षेत्रीय सुरक्षा वार्ताओं में नेक नीयती दिखाने की जिम्मेदारी तेहरान की है।

ईरान के जनसंपर्क विभाग के प्रमुख महमूद मलेकी ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के प्रति ईरान की प्रतिबद्धता हाल ही में तेहरान में हुई एक बैठक से साबित होती है। इस बैठक में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के प्रतिनिधि शामिल थे।

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मलेकी ने जोर देकर कहा कि ईरान अपने क्षेत्रीय भागीदारों से भी वैसी ही सद्भावना की उम्मीद करता है। उन्होंने कतर को चेतावनी दी कि उसकी जमीन या सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए नहीं किया जाना चाहिए।

यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब एक कतर प्रतिनिधिमंडल हाल ही में तेहरान गया था। बताया गया है कि यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मांगें पहुंचाने गया था, क्योंकि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच मध्यस्थता जारी है।

कतर का कहना है कि प्रगति के लिए ईरान को धमकियां बंद करनी होंगी और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना होगा। इसके जवाब में ईरानी अधिकारियों ने कहा कि वे उन प्रस्तावों पर कायम हैं जो 22 सितंबर 2026 को अमेरिका को दिए गए थे। इन प्रस्तावों में संघर्ष खत्म करने और सात दिनों के भीतर जलडमरूमध्य खोलने की शर्तें शामिल थीं।

इससे पहले 28 अक्टूबर 2026 को मॉस्को में गैस निर्यातक देशों के फोरम के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी मिले थे। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय संबंधों पर चर्चा की थी।

ईरानी नेतृत्व ने वर्तमान स्थिति को न युद्ध और न शांति के रूप में वर्णित किया है। अब सभी पक्षों की नजर 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और उसके बाद होने वाले घटनाक्रमों पर टिकी है।

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