अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी को खत्म करने के लिए ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से की मदद की मांग

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी को खत्म करने और इजरायल व अमेरिका की धमकियों की निंदा करने की मांग की है।

Gautam Sahu22 October 20262 min read0 viewsWorld
अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी को खत्म करने के लिए ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से की मदद की मांग

न्यूयॉर्क: ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) से अपील की है कि वह उसके बंदरगाहों की अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी की निंदा करे और इसे तुरंत हटाने की मांग करे। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत गुलामहुसैन दरजी ने इस नाकाबंदी को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है।

राजदूत दरजी ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष से आग्रह किया है कि वे वॉशिंगटन को ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने और नाकाबंदी खत्म करने के लिए मजबूर करें। उन्होंने अमेरिका और इजरायल द्वारा दी गई धमकियों को खारिज करने की भी मांग की है। ईरान ने विशेष रूप से नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' (MOAB) के इस्तेमाल की चेतावनी पर चिंता जताई है।

ईरान सुरक्षा परिषद से इन धमकियों को रोकने की औपचारिक मांग कर रहा है और अमेरिका व इजरायल के गलत कामों से हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहा है। इससे पहले 21 अक्टूबर 2026 को ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता ने इस नौसैनिक नाकाबंदी को युद्ध की घोषणा के समान बताया था।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी 21 अक्टूबर को दोहराया कि अमेरिका को नाकाबंदी हटानी होगी। इसके बाद 22 अक्टूबर को वॉशिंगटन को नए सैन्य अभियानों के खिलाफ चेतावनी भी दी गई।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक इस नाकाबंदी की वजह से ईरान के शैडो टैंकर तेल भंडार खत्म हो गए हैं। इससे तेहरान को तेल राजस्व में कम से कम 25 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है, जिससे उसके बुनियादी ढांचे और हथियारों को बदलने की क्षमता प्रभावित हुई है। सेंटकॉम प्रमुख एडमिरल ब्रैड कूपर ने पुष्टि की कि अमेरिकी अभियानों ने ईरान के सुरक्षा तंत्र पर भारी आर्थिक दबाव डाला है।

क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। 22 अक्टूबर को IRGC ने बताया कि दक्षिणी होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर समुद्री सुरंग से टकराकर फट गया। वहीं उत्तरी फारस की खाड़ी में अवैध तेल हस्तांतरण में शामिल चार जहाजों को आग से नुकसान पहुंचा और तीन अन्य जहाजों की आपस में टक्कर हो गई। IRGC ने उन जहाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है जो अपनी पहचान प्रणाली बंद रखते हैं।

इन्हीं घटनाक्रमों के बीच 22 अक्टूबर को सऊदी अरब के एक हवाई अड्डे और अरामको तेल क्षेत्र पर जानलेवा हमले की खबरें आईं, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। इस हमले के बाद अमेरिका ने सऊदी अरब से अपने राजनयिकों को निकालने का आदेश दिया। इससे पहले 10 अक्टूबर को सेंटकॉम ने ओमान की खाड़ी में एक वाणिज्यिक मालवाहक जहाज को निष्क्रिय कर दिया था, जिसने नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश की थी।

Share:

Comments

Leave a comment