Iraq Crisis: ईरान और अमेरिका की लड़ाई से इराक की अर्थव्यवस्था बर्बाद, तेल निर्यात पर लगा भारी ब्रेक.

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव का सीधा असर अब इराक की अर्थव्यवस्था पर बहुत बुरा पड़ रहा है। इस क्षेत्रीय युद्ध की वजह से इराक में तेल का व्यापार ठप हो गया है, जरूरी सामान महंगे हो गए हैं और वहां की करेंसी यानी इराकी दीनार की कीमत तेजी से गिर रही है। आम लोगों की जिंदगी इस उथल-पुथल की वजह से काफी मुश्किल हो गई है और हर तरफ महंगाई का दबाव साफ देखा जा सकता है।
विदेश मंत्री और अधिकारियों का बड़ा बयान
इराक के विदेश मंत्री Fuad Hussein ने 25 सितंबर 2026 को साफ शब्दों में कहा कि इस क्षेत्रीय संघर्ष की सबसे बड़ी कीमत इराक की अर्थव्यवस्था को चुकानी पड़ रही है। सितंबर 2026 के बीच तक दक्षिण इराक से होने वाला तेल निर्यात युद्ध से पहले के स्तर से लगभग 33 प्रतिशत नीचे बना रहा। इससे पहले अप्रैल के महीने में इसमें 95 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। इस बदहाली की मुख्य वजह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का बंद होना है, जिसे इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी सप्लाई रुकावट बताया है।
अर्थव्यवस्था को हुआ अरबों डॉलर का नुकसान
प्रधानमंत्री के वित्तीय सलाहकार Mazhar Mohammed Saleh ने जुलाई 2026 में अनुमान लगाया था कि इस संघर्ष के कारण इराक को कम निर्यात और रुके हुए विकास कार्यों की वजह से 40 अरब डॉलर से 45 अरब डॉलर तक का भारी नुकसान हो चुका है। इसके अलावा, US Congressional Budget Office ने सितंबर 2026 की अपनी रिपोर्ट में बताया कि इस आर्थिक संकट की मुख्य वजह होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और प्राकृतिक गैस की आवाजाही रुकने से पैदा हुई महंगाई है। सेंट्रल बैंक ऑफ इराक ने भी खुले बाजार में दीनार की वैल्यू में आई भारी गिरावट को स्वीकार किया है और इसके पीछे सट्टा गतिविधियों के साथ-साथ क्षेत्रीय राजनीतिक अस्थिरता को जिम्मेदार ठहराया है।
करेंसी में बदलाव और कूटनीतिक कोशिशें
संचार मंत्री Mustafa Sanad ने जानकारी दी कि देश की लिक्विडिटी को मैनेज करने और अवैध पैसों के लेन-देन को रोकने के लिए साल 2027 तक करेंसी से तीन शून्य हटाने की योजना पर काम चल रहा है। दूसरी तरफ, कूटनीतिक स्तर पर ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 26 सितंबर 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए सात दिन की शांति योजना का प्रस्ताव रखा था, जो अमेरिका की सहमति पर निर्भर करती थी। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और अमेरिकी अधिकारियों ने बमबारी जारी रखने के संकेत दिए हैं। इसके साथ ही इराक अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है ताकि घरेलू एयरपोर्ट्स को अमेरिकी ट्रेजरी के उन प्रतिबंधों से छूट मिल सके जिनके कारण ईरानी उड़ानों पर रोक लगी है और मानवीय तथा नागरिक विमान सेवा बहाल हो सके।